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रामपुर: केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक को प्रतिबंधित करने और समान नागरिक संहिता को मुसलमानों पर थोपने का आरोप लगाते हुए शहर में हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया.

जामा मस्जिद की कमिटी ने तीन तलाक के समर्थन में सरकार के रुख का विरोध करते हुए हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की. इस दौरान नमाजियों ने तीन तलाक के समर्थन और समान नागरिक संहिता के विरोध में हस्ताक्षर किये. इस मौके पर मस्जिद के नायब इमाम फैजान खान ने कहा कि इस्लाम को इंसानों ने पैदा नहीं किया है. यह कुरान और हदीस की शिक्षाओं पर आधारित है. 3 तलाक की परंपरा को प्रतिबंधित करने का सरकार का इरादा इस्लाम का अपमान है.

वहीँ जिला मुफ्ती और काजी-ए-शरिया सैयद शाहिद अली रिजवी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा, ”अगर वह (प्रधानमंत्री) मुस्लिम महिलाओं की भलाई को लेकर वास्तव में चिंतित हैं तो उनको सरकारी नौकरियों में आरक्षण देना चाहिए.

इसके अलावा तीन तलाक और सिविल कोड के मसले को लेकर शान होटल में जलसा मुनक्किद किया गया. जिसमे मुफ्ती शहर मौलाना महबूब अली ने कहा कि शरई कानून में किसी तरह का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने इसे मुसलमानों को बदनाम करने की साजिश करार दिया.


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