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भवानीमंडी: शहादत-ए-बाबरी मस्जिद की 25वी बरसी पर शहर के मुस्लिम समुदाय ने उप जिला मजिस्ट्रेट को भारत के महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कर तत्कालीन प्रधानमंत्री पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव के बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण के वादे को पूरा करने की मांग की गई.

ज्ञापन में 6 दिसंबर को भारतीय इतिहास का काला दिन करार देते हुए कहा गया कि इस दिन संघ परिवार और बीजेपी के लोगों ने कारसेवक का रूप धारण कर न केवल बाबरी मस्जिद को शहीद किया था बल्कि देश के संविधान के धर्मनिरपेक्षता के स्तंभ को भी गिरा दिया था. जिससे सदियों से चली आ रही भारत की गौरवशाली छवि भी छिन्न-भिन्न हो गई.

महामहिम को संबोधित कर आगे कहा गया, इस दिन बेगुनाहों के खून से होली खेलकर साम्प्रदायिक सोहार्द को तहस-नहस कर दिया गया, जिसकी भरपाई आज तक न हो सकी और देश आज भी साम्प्रदायिक की आग में झुलस रहा है. ये दिन भारतीय भारत के संविधान और संसद पर काला धब्बा है. जिसके जिम्मेदार तत्कालीन प्रधानमंत्री पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव है.

हालांकि अब तक इस काले धब्बे को धोने की कोशिश भी नहीं की गई जबकि तत्कालीन प्रधानमंत्री पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव ने भारत सरकार की और से देश के मुस्लिमों और न्यायप्रिय लोगों से वादा किया था कि बाबरी मस्जिद का फिर से पुनर्निर्माण होगा.

ज्ञापन में लिब्राहम रिपोर्ट का हवाला देकर कहा गया कि इस जघन्य अपराध के लिए 68 लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया. लेकिन 25 साल गुजरने के बाद आज भी किसी को सज़ा नहीं मिली. जो देश की न्याय प्रणाली पर भी एक सवालिया निशान है.


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