लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने ‘राजनीतिक स्वार्थ’ की वजह से दलितों के मसीहा भीमराव अम्बेडकर के लिए घोषणाएं कर रहे हैं, वहीं पूरे देश में भाजपा दलितों का अपमान कर रही है। माया ने कहा कि दलितों के खिलाफ घोर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से अन्याय और बढ़ा है। इसमें पर्दे के पीछे संघ और अन्य भगवा संगठनों का हाथ है।

रोहित वेमुला के बहाने मायावती ने पीएम मोदी, भाजपा और संघ पर उठाए सवाल

मायावती ने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि ऐसे ही हालात के कारण हैदराबाद के दलित छात्र रोहित वेमुला को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। इस प्रकरण की न्यायिक जांच के बाद भी अगर रोहित को न्याय नहीं मिलता है तो यही माना जाएगा कि प्रधानमंत्री का लखनऊ में एक कार्यक्रम में रोहित का नाम लेकर भावुक होना सोची-समझी राजनीतिक हरकत थी और उनके आंसू घड़ियाली थे। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा, क्योंकि सरकार शुरू से ही इससे जुड़े लोगों को बचाने में जी जान से लगी है।

माया ने कहा कि देश में संघ की मानसिकता रखने वाले भाजपा के मंत्रियों की सोच दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों के लिये घातक, जातिवादी और अमानवीय है। पूरे देश में इस वर्ग के लोगों पर जुल्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। दोषियों के प्रति सरकार का रवैया नरम और उदार होने के कारण उनका हौसला बढ़ रहा है।

उन्होंने दलित आरक्षण की ‘समीक्षा’ सम्बन्धी कथित बयान देने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को एक बार फिर घेरते हुए कहा, ‘लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन आरक्षण के खिलाफ खुलकर सामने आ गयी हैं। यह उनकी दलित विरोधी सोच का प्रतीक है। उन्हें मालूम होना चाहिये कि भारत जैसे समाज में जहां हर स्तर पर जातिवाद आम है, वहां आरक्षण समाप्त करने की बात करना इन वर्गों के लिये अन्याय और शोषण को और बढ़ावा देना ही है।’

अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी (एएमयू) और जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय का ‘अल्पसंख्यक दर्जा’ बहाल करने की मांग करते हुए मायावती ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार राजनीति से प्रेरित होकर इस दर्जे को छीनने के लिये कुतर्कों का सहारा ले रही है। इन दोनों ही संस्थानों का अल्पसंख्यक दर्जा छीनने का यह प्रयास राजनीति से प्रेरित लगता है।

बसपा मुखिया ने कहा, ‘मुसलमानों के पास देश में जो उच्च शिक्षण संस्थाएं हैं उनका अल्पसंख्यक दर्जा लगातार जारी रखना चाहिये। इसे छीनने को लेकर केन्द्र सरकार की दलील को बसपा एक षड्यंत्र मानती हैं। भाजपा को अगर दलितों और पिछड़ों की इतनी ही चिंता है तो उसे सबसे पहले प्राथमिक स्कूलों की खराब हालत को सुधारना चाहिये, क्योंकि दलितों और अल्पसंख्यकों के ज्यादातर बच्चे इन्हीं स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं। साथ निजी स्कूलों में भी आरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिये।’

मायावती ने प्रदेश की सपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव यह ‘कड़वी सच्चाई’ स्वीकार कर चुके हैं कि उनकी पार्टी की सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। माया ने कहा, ‘सपा को यह मालूम हो चुका है कि अब वह सत्ता में नहीं लौटेगी, इसलिये यह पार्टी और उसकी सरकार के सभी लोग जनता के हित के लिये कुछ काम करने के बजाय लूट-खसोट में लग गये हैं।’

उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वह अपने युवराज राहुल को बुंदेलखण्ड में पदयात्रा कराने और गरीब के घर खाना खाने की ‘नाटकबाजी’ से परहेज करे। जनता को ऐसे हर हथकंडे से होशियार रहना है और बसपा की सरकार बनानी होगी ताकि प्रदेश में फिर से सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का माहौल पैदा हो सके। साथ ही प्रदेश में गुंडे, बदमाश, माफिया और अराजक तत्व सलाखों के पीछे भेजे जाएं। (ज़ी मीडिया ब्‍यूरो)


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