बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती को उस समय बड़ा झटका लगा है, जब विधान परिषद के सभापति रमेश यादव ने निष्कासित नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सदस्यता रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया.

ऐसे में अब नसीमुद्दीन सिद्दीकी की एमएलसी सदस्यता बरकरार रहेगी. ध्यान रहे यूपी विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके बेटे अफजल सिद्दीकी को मायावती ने पार्टी  से बाहर का रास्ता दिखा दिया था.

पार्टी ने पिता-पुत्र दोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने और टिकट बांटने में पैसा लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के अनुसार नसीमुद्दीन ने लोगों से पैसा लिया. उन्होंने चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को टिकट बांटने में ये उगाही की.

ऐसे में बसपा ने विधान परिषद में नसीमुद्दीन सिद्दीकी को हटाए जाने की मांग की थी. लेकिन विधान परिषद के सभापति ने फैसला नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पक्ष में सुनाया. नसीमुद्दीन सिद्दीकी अब विधान परिषद के सदस्य बने रहेंगे.

इस मामले पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि याचिका ही गलत है क्योंकि याचिका में जो एफिडेविट लगाया गया था वह गलत है. जब तक याचिकाकर्ता के हस्ताक्षर काे कोई एडवोकेट प्रमाणित नहीं करता तब तक वह मान्य नहीं माना जाता है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE