मुज़फ्फरनगर/वेद प्रकाश शर्मा: खाकी वर्दी सुनते ही मन में मिले-जुले ख्याल आने लगते हैं, लेकिन शनिवार को मुज़फ्फरनगर के इन्हीं खाकी वर्दी वालों ने एक मिसाल पेश की। पुलिस ने थाने के बाहर चाय की दुकान चलाने वाले की बेटी की शादी कराई और उसका कन्यादान भी किया।

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क्या रहा खास ?
-मुज़फ्फरनगर जनपद की कोतवाली जानसठ का मामला।
-कोतवाली के बाहर नसीम कई साल से चाय की दुकान चलाता है।
-आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से जानसठ पुलिस नसीम की समय-समय पर मदद करती रही है।
-नसीम ने अपनी बड़ी बेटी नसरीन का रिश्ता गांव लुहारी के आस मोहम्मद से तय किया था।
-शुक्रवार सुबह लुहारी से बारात आई और जानसठ पुलिस स्टाफ ने शिद्दत से बारात की मेजबानी की।

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कैसी है नसीम की जिंदगी?
-नसीम के अनुसार उसके छह बच्चे हैं।
-वह अपने बच्चों के साथ कोतवाली के पास ही एक पुराने सरकारी कार्यालय के कमरे में रहता है।
-नसीम ने इंस्पेक्टर धनंजय मिश्र से बेटी की शादी में मदद मांगी थी।
-बदले में थाने के लोगों ने शादी का पूरा खर्च ही उठा लिया।
-नसीम की बेटी की शादी शुक्रवार को कोतवाली परिसर में हुई।

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‘धूमधाम से नहीं कर पाता बेटी की शादी’
-यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
-लड़की के पिता नसीम ने बताया कि वह अपनी बेटी की शादी इतनी धूमधाम से कभी नहीं कर पाता।
-पुलिस वालों ने न सिर्फ नसीम की बेटी की शादी का खर्च वहन किया है बल्कि शादी में दिए जाने वाले सभी जरूरी सामान भी दिया।

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