बिहार के पूर्णिया में निकाले गए जुलूस में 30 से 40 हजार लोग शामिल थे। जुलूस का नेतृत्व इस्लामिक काउंसिल के अध्यक्ष मो इस्माइल और सचिव मसूद रजा तथा पूर्व विधायक रुकनुद्दीन कर रहे थे।

कुछ दिनों पहले बंगाल के मालदा में कालियाचक पुलिस स्‍टेशन के पास प्रदर्शनकारियों ने जला दिए थे वाहन।

हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी की ओर से कुछ दिनों पहले किए गए पैगंबर मोहम्मद के कथित अपमान के खिलाफ भड़की गुस्‍से की आग पश्चिम बंगाल के बाद बिहार पहुंच गई है। गुरुवार को पूर्णिया जिले के बायसी में ऑल इंडिया इस्लामिक काउंसिल ने इसके खिलाफ जुलूस निकाला। हालांकि, प्रदर्शन शुरुआत में शांत रहा, लेकिन बाद में कुछ लोग उग्र हो गए और बायसी थाने में घुसकर तोड़-फोड़ मचा दी।

भीड़ ने थाने में रखे फर्नीचर, कंप्यूटर और परिसर में लगे चार वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रदर्शनकारियों को उग्र देखकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भाग कर जान बचाई। बाद में जिला मुख्यालय से डीएम पंकज कुमार पाल और पुलिस बल पहुंचने के बाद स्थिति नियंत्रण में की जा सकी। स्‍थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जुलूस में 30 से 40 हजार लोग शामिल थे। जुलूस का नेतृत्व इस्लामिक काउंसिल के अध्यक्ष मो इस्माइल और सचिव मसूद रजा तथा पूर्व विधायक रुकनुद्दीन कर रहे थे। जुलूस हरेरामपुर से निकल कर भाया पश्चिम चौक होते हुए पूरब चौक पर समाप्त हुआ, लेकिन इसमें शामिल कुछ लोगों ने लौटते वक्‍त थाने पर हमला बोल दिया था।

क्‍या है मामला मामला: उस वक्‍त शुरू हुआ, यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने 29 नवंबर को कथित तौर पर राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में कुछ आपत्‍त‍िजनक टिप्‍पणी की। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी प्रतिक्र‍िया में ही तिवारी ने कथित टिप्‍पणी की। कुछ दिन तक उनका बयान सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हुआ, जिसके बाद मुस्‍ल‍िम धर्मगुरुओं का ध्‍यान इस ओर गया। बाद में तिवारी का बयान उर्दू मीडिया में भी छपा। बयान पर पहली प्रतिक्रिया स्‍वरूप 2 दिसंबर को सहारनपुर के देवबंद में एक बड़ा प्रदर्शन हुआ। इसमें दारुल उलूम के स्‍टूडेंट्स शामिल हुए। मुसलमानों में फैले गुस्‍से के मद्देनजर तिवारी को 2 दिसंबर को अरेस्‍ट कर लिया गया। वह फिलहाल जेल में हैं। शांति कायम करने के लिए सीएम अखिलेश यादव ने मुस्‍ल‍िम धर्मगुरुओं के साथ बीते बुधवार को अपने आवास पर मीटिंग भी की। सीएम ने आश्‍वासन दिया कि तिवारी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिम बंगाल में सड़कों पर उतरे थे 2.5 लाख लोग, उग्र भीड़ ने मचाई थी तोड़फोड़: एएसपी हाजरा ने ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ से बातचीत में कहा, ”रैली में करीब 2.5 लाख लोग जुटे थे। बाद में भीड़ ने हिंसात्‍मक रुख अपना लिया। पुलिसवैन, जीप समेत 25 गाडि़यों में आग लगा दी गई। पुलिसवालों को पीटा गया, हालांकि, किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। मैंने सुना है किसी शख्‍स को गोली लगी है, लेकिन इसकी आधिकारिक तौर पर पु‍ष्‍ट‍ि नहीं हुई है।” साभार: जनसत्ता


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