कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगला ग्लोबल सम्मिट में कहा, कि एक शांतिपूर्ण राज्य और यहां किसी भी प्रकार का कोई सांप्रदियक तनाव नहीं है। यहां हर तरह के उद्योग के लिए संभावनाएं हैं। राज्य के आर्थिक विकास में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण योगदान है। किसी भी उद्योगपति को उनकी  सरकार के हाथों परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सभी उद्योगपतियों को यहां ऐसा माहौल व सुविधाएं दी जायेंगी, जिससे वे शांत दिमाग के साथ काम कर सकें।

मालदा हादसे पर CM ममता ने तोड़ी चुप्पी, कहा नहीं हुई सांप्रदायिक हिंसा

उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, कि राज्य की तरक्की उद्योगों पर निर्भर है और वह उद्योगपतियों को हर संभव सहायता करेंगी. उन्हें कभी भी परेशान नहीं किया जायेगा। ममता का कहना है कि सत्ता में होने का यह अर्थ नहीं कि उद्योगपतियों को भयभीत या परेशान किया जाये। उन्हें शांति के साथ काम करने दिया जायेगा, ताकि वे व्यापार में और ऊंचाइयों तक पहुंच सकें। किसी भी राज्य व देश का विकास तभी हो सकता है, जब इससे जुड़ी सभी कडिय़ां एक-दूसरे को मदद करें।

ममता ने कहा, अगर कोई भी समस्या है तो सरकार बातचीत करेगी और उसका हल करेगी। सभी सरकारों से निवेदन है कि उद्योगपतियों को परेशान करने के बजाय उन्हें सहयोग करें। उद्योगपतियों को अधिक सीएसआर करने को कहा जाये। जरुरतों को पूरा करने के लिए उन्हें धन रखने की भी जरूरत है, लेकिन मैं कालेधन के बारे में नहीं बोल रही हूं।  ममता ने कहा कि वह कोई अतिविशिष्ट व्यक्ति या वीआइपी नहीं हैं, बल्कि एक कम महत्वपूर्ण व्यक्ति, एलआइपी हैं। हमें विनम्र होने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां किसी भी तरह का साम्प्रदायिक दंगा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। हमारा लक्ष्य पश्चिम बंगाल को भारत में पहले नंबर का निवेश गंतव्य बनाने का है। इसके लिए सबको मिल कर एक साथ काम करना होगा।

मालदा हादसा
उन्होंने मालदा जिले के कालियाचक में हुई घटना को बीएसएफ और स्थानीय लोगों के बीच झगड़े का नतीजा बताया।

तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया- ममता
बंगाल ग्लोबल समिट के समापन सत्र के दौरान बनर्जी ने कहा, ‘वहां जो हुआ वो अलग मुद्दा है। यह बीएसएफ और स्थानीय लोगों के बीच एक मुद्दा था। आपको इस तरह का सवाल यहां नहीं पूछना चाहिए क्योंकि तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया है और वहां जो हुआ वो गलत सूचना है।’

शांतिपूर्ण है राज्य का वातावरण
ममता ने कहा, ‘बीएसएफ और स्थानीय लोगों के बीच झगड़ा हुआ। इसका राज्य सरकार, पार्टी या प्रशासन से कोई लेना-देना नहीं है। हमने हालात को नियंत्रण में किया। राज्य में शांतिपूर्ण वातावरण है। यहां कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं है।’ बाद में संवाददाताओं से बातचीत में बनर्जी ने राज्य में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद फिर से सत्ता में लौटने की उम्मीद जताई।

माता-पिता की तरह है केंद्र सरकार
उन्होंने कहा, ‘यह लोगों को फैसला करना है, लेकिन जब कोई कठोर परिश्रम करता है तो लोग चाहते हैं कि वह कठोर परिश्रम जारी रहे।’ नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रियों के उनकी तारीफ करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा संघीय ढांचे के पक्ष में हूं। केंद्र सरकार माता-पिता की तरह है और राज्य उसके बच्चे हैं। अगर राज्य और केंद्र के बीच संबंध अच्छे हैं तो यह संघीय ढांचे को मजबूत करेगा।’

ढाई लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
उन्होंने कहा, ‘हमने जीएसटी का समर्थन किया है क्योंकि यह हमारी प्रतिबद्धता है, यद्यपि भूमि विधेयक को लेकर हमारी कुछ आपत्तियां हैं।’ उन्होंने घोषणा की कि अगले साल का बिजनेस समिट 20 और 21 जनवरी को होगी। बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में 2.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव मिला है।

फिर सत्ता में आयेगी तृणमूल: ममता
बनर्जी ने संवाददाताओं से राज्य में इस साल होनेवाले  विधानसभा चुनाव के बाद फिर से सत्ता में लौटने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने चार वर्षों में राज्य के विकास के लिए जो कार्य किया है, वह पिछली सरकार ने 34 वर्षों में नहीं किया। बंगाल में विकास की धारा बहने लगी है, जो अब रुकनेवाली नहीं है। राज्य की जनता से पिछले विधानसभा चुनाव के बाद यहां हुए पंचायत, लोकसभा व नगरपालिका चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी को समर्थन दिया है और हमें पूरी उम्मीद है कि यह आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि यह लोगों को फैसला करना है कि वे इस विकास की धारा को और आगे बढ़ाना चाहते हैं या नहीं। जब कोई कठोर  परिश्रम करता है, तो लोग चाहते हैं कि वह कठोर परिश्रम जारी रहे।

पारदर्शिता से बनी हमारी विश्वसनीयता 
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मात्र साढ़े चार साल में उनकी सरकार ने राज्य के राजस्व को दुगुना किया है। राज्य पर पिछली सरकार का काफी कर्ज होने के बावजूद कम समय में ही इस सरकार ने राज्य की आय ने बढ़ायी है। राज्य में कहां क्या काम हुआ है, इसके सभी तथ्य व विवरण राज्य के आइ एंड सी विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक-ए टेल ऑफ फोर ईयर्स-में दिये गये हैं। उनका दावा है कि हर काम में सरकार ने पारदर्शिता बनाये रखी है। यही कारण है कि राज्य की जनता के बीच उनकी विश्वसनीयता बनी हुई है। चार सालों में 15 विश्वविद्यालय, 45 कॉलेज व 41 नये मल्टीपल सुपर हॉस्पिटल बने हैं। आम आदमी तक 90 प्रतिशत सभी सरकारी सुविधाएं व सेवाएं पहुंची हैं। सम्मेलन में कई कंपनियों के साथ हुए करार की भी घोषणा की गई।

इसमें मेगा थीम पार्क एंड रिसोर्ट, शापूरजी पालुनजी द्वारा तैयार कुछ हाउसिंग योजनाएं भी शामिल हैं। ड्रुक एयर ऑफ भूटान एंड बीएपीएल के बीच भी एक करार किया गया है। नार्थ बंगाल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बोरेर आलो योजना तैयार की गयी है। नयाचर में शीघ्र ही इको-टूरिज्म हब बनने जा रहा है। अगले साल बंगाल ग्लोबल बिजनेस सम्मिट 21-22 जनवरी को होगी। साभार: prabhatkhabar


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