गलत पूर्वानुमान को लेकर महाराष्ट्र के बीड़ के किसानों ने मोसम विभाग के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. दरअसल मोसम विभाग ने बीज और खाद कंपनियों से रिश्वत लेकर झूठी भविष्यवाणी की.

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के चलते किसानों ने कर्ज लेकर सूखे खेतों में बुआई के लिए धन खर्च किया. लेकिन बारिश नहीं हुई. किसानों का दावा है कि मौसम विभाग ने कंपनियों से रिश्वत लेकर किसानों के साथ धोखा किया है.

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वहीँ मौसम विभाग ने कहा था कि इस बार अच्छी बारिश होगी परंतु हर जगह बारिश हो गई है लेकिन विदर्भ और मराठवाड़ा के कई हिस्सों में अब भी धूप चटक रही है. इसलिए किसान ने पहली बारिश मे जो बीज बोया था. वो खराब होने लगा है.

मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सैटेलाइट से आने वाले पिक्चर को देखने के बाद ही पूर्वानुमान किए जाते हैं. उसका साइंटिफिक तरीके से आकलन करने के बाद ही कहा जाता है. इसमें एक साल पहले के और इस मौसम के शुरू होने से पहले के आंकड़ों को भी देखा जाता है लेकिन कई बार बारिश होना, उस मौसम में चल रही हवाओं पर बहुत हद तक निर्भर करता है.

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इस बारें में महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री रामदास कदम की माने तो बिना सोचे समझे इस तरीके का पूर्वानुमान देना नहीं चाहिए. इससे किसान परेशान हो जाते हैं.


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