मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सरकार की ओर से सप्लाई किए जाने वाले मिड डे मील को हिन्दू धर्म के भगवानों को भोग लगाने की वजह से 50 से ज्यादा मदरसों ने लेने से इंकार कर दिया हैं. मदरसों का कहना हैं कि कहना है कि इन खानों का एक हिस्सा भगवान को भोग के रूप में चढ़ाया जाता है, जो मुस्लिम स्वीकार नहीं कर सकते.

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मदरसा प्रशासन ने कहा कि खाने को स्टूडेंट्स को देने से पहले हिंदू भगवानों को उसका भोग लगाया जाता है. वे ऐसे पूजा-पाठ करके दिया गया खाना ना तो खुद खाएंगे और ना किसी स्टूडेंट को खाने देंगे. साथ ही कहा गया कि छात्रों के परिजनों को इन सप्लायर्स द्वारा भिजवाए गए खाने से समस्या है और परिजनों ने अपने बच्चों को मदरसों से निकालने की चेतावनी दी है.

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मदरसा शिक्षा समिति के अध्यक्ष के अनुसार, मिड डे मील का खाना अच्छी क्वालिटी का भी नहीं होता. उनकी मांग है कि मदरसों में बच्चों को वहीं पर खाना बनाकर खिलाया जाए.

बताया जा रहा है कि, उज्जैन में अब तक मध्यान्ह भोजन पहुंचाने का काम श्री जगन्नाथ मंदिर इस्कॉन फूड संस्था करती थी. साल 2010 से 2016 जुलाई तक इस्कॉन ने फूड सप्लाई का काम किया, लेकिन मुस्लिम इस्लामिक स्कूल और मदरसों ने ये खाना लेने से इनकार कर दिया.

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