राजस्थान:  जयपुर में राज्य सरकार ने राज्य के सारे मदरसों की जांच शुरू करने के आदेश जारी कर दिए है जिसके लिए सरकार ने पुलिस को जिम्मा सौंपा है। सरकार ने पुलिस को जांच में यह पता लगाने के लिए कहा है कि इन मदरसों में कोई संदिग्ध गतिविधियां तो नहीं चल रही। इसके लिए सरकार ने एक फॉर्मेट तय कर सभी एसपी को पत्र लिखा है जिसके मुताबिक़ ये जांच की जायेगी।

इस फॉर्मेट में पुलिस मदरसों के नाम, विचारधारा, रजिस्ट्रेशन की डिटेल सहित कई अन्य जानकारियां भी एकत्रित करेगी। एडीजी जेआर साहू ने बताया कि यह रुटीन प्रोसेस है। इस जांच में मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के पिता का नाम, पता और मोबाइल, मदरसे में कितने लोकल और बाहरी बच्चे पढ़ते है और मदरसा रजिस्टर्ड है या नहीं, मदरसा शिया, सुन्नी, देवबंद या बरेलवी में से कौनसी विचारधारा से संबंधित है। मदरसे में पढ़ा रहे अध्यापक या मौलवी की पूरी डिटेल और मदरसा सरकारी जमीन , निजी जमीन या किराये में से किस पर बना हुआ है? मदरसों में संदिग्ध गतिविधियां होने के आरोप हमेशा से ही लगते रहे हैं।

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पिछले साल भी मदरसो में संदिग्ध गतिविधियां उठाया गया था और यह इल्जाम लगाया गया था कि मदरसों में धर्म व देशविरोधी बातें सिखाई जा रही हैं और इस साल भी यह मुद्दा विधानसभा में उठा। जिसके बाद ही सरकार ने यह फैसला किया है। इस मामले पर  मदरसा बोर्ड की अध्यक्ष मेहरुनिसा टाक का कहना है कि जांच मदरसा बोर्ड या एजुकेशन डिपार्टमेंट भी कर सकता था, लेकिन कोई थर्ड पार्टी कर रही है तो अच्छी बात है। सचाई सामने आ जाएगी कि यहां कोई संदिग्ध गतिविधियां नहीं चलती। टाक ने मांग उठाई कि सरकार को उन सभी एजुकेशन इंस्टीटूट्स का वेरिफिकेशन करना चाहिए जो बाहर के लोग आकर यहां खोल रहे हैं।

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