पटना (30 मार्च):एक अप्रैल से देश में एक राज्य शराबबंदी वाला राज्य बन जाएगा। यह राज्य और कोई और नहीं बल्कि बिहार है। इसके लिए आज बिहार विधानसभा में विधेयक पास हो गया। उससे पहले विधानसभा में बिहार के सभी विधायकों ने शराब ना पीने की शपथ ली। साथ ही असेंबली के बाहर दूध और लस्सी पीते हुए ये संदेश दिया कि एक अप्रैल से बिहार में शराब नहीं, पीना है तो दूध, लस्सी पीजिए।

बिहार विधानसभा में उत्पाद संशोधन विधेयक 2016 सर्वसम्मति से पास कर दिया। इसके बाद विधानसभा के बाहर विधायकों ने दूध, लस्सी पीकर संदेश दिया कि शराब छोड़नी जरूरी है। एक अप्रैल से बिहार में देसी शराब बनाने, बेचने और पीने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके पहले 31 मार्च को देसी शराब के सभी ठेके बंद हो जाएंगे।

दुकानों में मौजूद देसी, मसालेदार शराब को वीडियो कैमरे में की निगरानी में नष्ट किया जाएगा। विदेशी शराब को 31 मार्च की रात सीलबंद कर वापस कर दिया जाएगा।
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद शराबियों के इलाज के लिए 150 डॉक्टरों का चयन हुआ है। हर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल में शराबियों के इलाज का इंतजाम किया गया है। बिहार में शराबबंदी लागू करने के साथ ही 39 नशा मुक्ति केंद्र बनाए गए हैं।

हर अस्पताल में 10 बेड का वॉर्ड सिर्फ उन लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हें शराब छोड़ने पर कोई दिक्त होगी। दो महीने पहले बिहार के चुने हुए डॉक्टरों को बकायदा इस बात की ट्रेनिंग बैंगलुरू और दिल्ली में दिलाई गई है कि शराब बंदी के बाद वो कैसे लोगों की शराब की लत का इलाज करेंगे। (News24)


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