बूचड़खानों पर की गई कारवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तरप्रदेश की योगी सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए हाई कोर्ट ने कहा है कि लोगों को नॉनबेज खाने पर ऐसे रोक नहीं लगा सकता है. साथ ही सरकार को निर्देश दिया है कि वह 17 जुलाई तक मीट की दुकानों और बूचड़खानों को नए लाइसेंस देने के साथ ही उनके पुराने लाइसेंस रिन्यू करें.

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दरअसल, 19 मार्च यूपी को मुख्यमंत्री पद को सम्भालने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश के अवैध बूचड़खानों पर पाबंदी लगा दी थी. हालंकि उन पर आरोप था कि उन्होंने वैध बूचड़खानों पर भी प्रतिबन्ध लगाया था.

योगी सरकार की इस कारवाई के पीछे बीजेपी का घोषणा पत्र में किया हुआ व्ह वादा था जिसमे कहा गया था कि चुनाव जीतने के बाद इस तरह की मीट की दुकानों और बूचड़खानों को बंद कर दिया जाएगा.

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इसके अलावा कोर्ट ने कहा है कि बूचड़खानों के निर्माण की जिम्मेदारी स्थानीय निकाय की है. हाईकोर्ट ने इस मामले संबंधित विभागों और शासन से 17 जुलाई तक जानकारी मंगाई है.


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