नई दिल्ली। इलाहाबाद कलेक्ट्रेट परिसर में वकीलों ने छह वामपंथी दलों के साक्षा विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम पर हमला कर दिया। दोपहर 1 बजे के आसपास हुए इस हमले में दर्जनभर से ज़्यादा कार्यकर्ताओं को चोट आई है। ज़ख्मी होने वालों में महिला कार्यकर्ता भी शामिल हैं। छह वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता रोहित वेमुला और जेएनयू विवाद पर इलाहाबाद की कचहरी में जमा हुए थे।

घायल उत्पला शुक्ला ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए 12 बजे से कलेक्ट्रेट परिसर में जमा हो रहे थे। आधे घंटे में लगभग 40 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गए थे। तभी 10-12 वकीलों का एक समूह हमारे करीब आया और गाली देते हुए कचहरी से निकल जाने के कहा।

उत्पला ने बताया कि हम हटने की बजाय वहीं डटे रहे। इसके बाद नाराज़ वकील वहां से चले गए लेकिन 10 मिनट के भीतर 50 से ज़्यादा वकीलों के साथ वहां दोबारा आ धमके। उन्होंने सभी की पिटाई शुरू कर दी। उत्पला के अलावा घायल होने वालों में प्रभा, झरना मालवीय, विशाल, अविनाश मिश्रा समेत दर्जनभर कार्यकर्ता शामिल हैं।

अब इलाहाबाद में वकीलों का वाम कार्यकर्ताओं पर हमला, दर्जनों घायल

घायलों के मुताबिक हमलावरों ने सबसे ज़्यादा निशाना हाईकोर्ट के वकील आशुतोष को बनाया जो प्रदर्शनकारियों के साथ थे। आशुतोष के पांव में चोट आई है।उत्पला के कान से खून निकल रहा है।

उत्पला ने कहा कि उन्हें पाकिस्तानी कहा गया और भद्दी गालियां दी गईं। पिटाई के बाद उन्होंने धमकी दी कि ज़िंदाबाद के नारे लगाने वालों का यही इलाज है। उत्पला कहती हैं कि हम वहां रोहित और जेएनयू विवाद को लेकर इकट्ठा हुए थे, लेकिन पाकिस्तान ज़िंदाबाद का झूठा आरोप गढ़कर पिटाई की गई।

चश्मदीदों के मुताबिक मारपीट के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। करनैलगंज थाने में हमले की तहरीर दी गई है। घायलों को मेडिकल के लिए भेजा गया है। (liveindiahindi)


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