यूनुस शेख ने बताया, ‘मैं उन लोगों से माफी मांगता रहा। बार-बार गुहार लगाता रहा कि मुझे जाने दो, लेकिन उन्होंने दया नहीं की। वे मुझे तब तक मारते रहे, जब तक मैं जमीन पर गिर नहीं गया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लातूर में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर यूनुस शेख को दक्षिणपंथियों द्वारा पीटे जाने और फिर जबरन उनके हाथ में भगवा झंडा दिये जाने के मामले में सख्त रुख दिखाते हुए कहा है कि ऐसी घटना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए इसे व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरी पुलिस पर हमला बताया। इसके साथ ही सीएम फडणवीस ने घटना की जांच के आदेश देते हुए डीजी को लातूर जाने का आदेश दिया है। राज्य के गृह राज्य मंत्री भी लातूर जाएंगे। यूनुस अभी लातूर जिले के अस्पताल में दाखिल हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है।

क्या है पूरा मामला: महाराष्ट्र के लातूर में असिस्टेंट सब इंस्पेक्‍टर यूनुस शेख ने अपने बयान में कहा कि 20 फरवरी को करीब 100 लोगों ने सुबह साढ़े आठ बजे पुलिस चौकी पर हमला किया था। यूनुस शेख ने बताया, ‘मैंने कंट्रोलरूम फोन करके स्थिति की जानकारी दे दी थी। मैंने रेनापुर पुलिस स्‍टेशन के इन्चार्ज से मदद मांगी थी, लेकिन हमले के करीब 2 घंटे बाद तक कोई नहीं आया और तब तक भीड़ मेरे साथ मारपीट कर चुकी थी। उन्होंने मेरी परेड भी कराई…. अपमानित किया।’

जानकारी के मुताबिक, 19 फरवरी को शिवाजी की जयंती मनाने के लिए लोग जमा हुए थे। वे भगवा झंडा फहरा रहे थे। पानगांव पुलिस चौकी पर तैनात एएसआई यूनुस शेख ने इन लोगों को रोका। उस वक्त उनके साथ हेड कॉन्स्टेबल आवसकर भी थे और अगले ही दिन भीड़ ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया।

यूनुस शेख ने बताया, ‘मैं उन लोगों से माफी मांगता रहा। बार-बार गुहार लगाता रहा कि मुझे जाने दो, लेकिन उन्होंने दया नहीं की। वे मुझे तब तक मारते रहे, जब तक मैं जमीन पर गिर नहीं गया। इसके बाद भीड़ मुझे उसी जगह पर ले गई, जहां पर मैंने उन्हें भगवा ध्वज लहराने से रोका था। उन्होंने मुझसे वही झंडा फहरवाया और ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ के नारे भी लगवाए।’ (Jansatta)


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