आगरा। भाजपा को बड़ा झटका लगा है, जहां पार्टी की तेजतर्रार पार्षद और ब्रज क्षेत्र, उपाध्यक्ष कुंदनिका शर्मा ने शनिवार को पार्टी छोड़ दी और सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गयीं। वहीं सपा ने 2017 विधानसभा के लिए आगरा (उत्तर) से कुंदनिका शर्मा को प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

Kundanika Sharma

केंद्रीय मंत्री पर लगाया आरोप

कुंदनिका शर्मा, वर्तमान में हेट स्पीच मामले में दर्ज मुकदमे में जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने बताया कि सांसद और केंद्रीय मंत्री, रामशंकर कठेरिया के व्यवहार की वजह से भाजपा छोड़ने का फैसला किया। मैंने भाजपा के लिए पूरी जिंदगी काम किया लेकिन कठेरिया में इतनी भी शालीनता नहीं है कि मेरे गिरफ्तार होने के बाद मेरा एक बार भी हाल चल पूछ सके। उन्होंने बताया कि मंत्री और आरएसएस के कई बड़े नेताओं ने अपने आप को बचाने के लिए मुझ जैसे कई छोटे कार्यकर्ताओं को भड़काऊ भाषण देने के मामले में फंसाया है।

सपा ने हमेशा रखा सम्मान

भड़काऊ भाषण मामले में जहां मंत्री कठेरिया ने उन्हें धोखे में रखा कि कोई गिरफ्तार नहीं कर पायेगा वहीं उनके गिरफ्तार होने के बाद उनका फोन नहीं उठाया। वहीं सपा ने हमेशा उनके परिवार को मान सम्मान बख्शा है। इसी कारण उन्होंने सपा में शामिल होने का फैसला किया।

27 साल भाजपा में रहकर की गलती

कुंदनिका शर्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि एक पार्टी जिसमें अपने कार्यकर्ताओं के लिए कोई सम्मान नहीं है उसकी 27 साल की सेवा करके एक गलती की है। सपा ने मेरे पिता कवि, गीतकार और पद्म भूषण, गोपाल दास नीरज, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के अध्यक्ष हैं को मंत्री पद, के रूप में सम्मान दिया है।

केठेरिया ने किया पलटवार

कुंदनिका शर्मा के आरोपों पर केंद्रीय राज्य मंत्री कठेरिया ने कहा कि पार्टी छोड़ने के बाद कोई किसी भी तरह के आरोप लगा सकता है। यह बेहतर होता कि वह सपा में शामिल होने से पहले यह आरोप लगातीं। इस तरह की बातें चुनाव के मौसम के दौरान होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि कुंदनिका शर्मा के पार्टी छोड़ने का कारण विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उनकी महत्वाकांक्षा है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि कुंदनिका के बाहर निकलने से भाजपा पर कोई असर नहीं होगा। (patrika.com)


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