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हरियाणा के मुस्लिम बहुल मेवात क्षेत्र में ईद-उल-अजहा के पहले खट्टर सरकार द्वारा बिरयानी के सैंपल लेने का मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया है.

एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार से जवाब तलब किया है. याचिका में खट्टर सरकार द्वारा बिरयानी के सैंपल लेने को मौलिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा गया कि हरियाणा गौसेवा आयोग के इस निर्णय से मुस्लिम समुदाय के लोग दहशत में हैं.

याचिका में आगे कहा गया कि हरियाणा गो सेवा आयोग द्वारा मेवात क्षेत्र में बिरयानी के सैंपल लेने के जो आदेश दिए गए हैं वे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने वाले हैं. पूरे प्रदेश मे कहीं और इस प्रकार की जांच नहीं हो रही है और केवल मेवात क्षेत्र को निशाना बनाया गया हैं.

नूंह निवासी हसीन द्वारा याचिका के अनुसार सैंपल का काम पशु चिकित्सकों द्वारा किया गया, जबकि यह काम फूड सप्लाई विभाग का था. इन सैपल का किसी उचित लैब से टेस्ट भी नहीं करवाया गया। सैंपल भरने के लिए नियमों का पालना भी नहीं किया गया.


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