आज के ज़माने में सच्चाई और ईमानदारी पुराने जमाने की बात हो चुकी है। झूठ, धोखाधड़ी और बेईमानी पैसे कमाने की पहली शर्त बन चुकी है और मेहनत और लगन दूसरी। ऐसी बातें अक्सर लोगो से सुनने को मिल ही जाती हैं। पैसों की चाहत में अपने ईमान और ईमानदारी से समझौता कर आम बात हो चुकी है और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। इस मामले में सरकारी तंत्र का कोई मुकाबला नहीं कर सकता खासकर पुलिस प्रशासन का।

और पढ़े -   बीफ का आरोप लगाकर ली गई जुनैद की जान, पुलिस ख़ामोशी के साथ देखती रही

पुलिस के सन्दर्भ में यह धारणा आम हो चुकी है कि वह सच्चाई के नहीं बल्कि पैसों वालों के पक्ष में होती है। अपराधियों को पकड़ने से ज्यादा गलत तरीको से पैसे ऐठने के फ़िराक में पुलिस ज्यादा रहती है। ऐसा लोगों का मानना है जोकि हकीक़त भी है। फिर भी गाहे-बगाहें ऐसी ख़बरें सुनने को मिल ही जाती हैं कि पुलिस वालों की उनकी हरकतों को लेकर आलोचना करने के उलट उनको सलाम करने को दिल करता है। ऐसा ही एक मामला श्रीनगर में सामने आया है जहाँ एमएम सिंह नाम के एक शख्स के लिए हेड कांस्टेबल फिरदौस अहमद एक मसीहा साबित हुए हैं।

और पढ़े -   नकली नोट छापते हुए पुलिस ने बीजेपी नेता को किया गिरफ्तार, मशीन भी की बरामद

boltahindustan.com में छपी खबर के अनुसार एंटी हाइजेकिंग एअरपोर्ट सिक्योरिटी श्रीनगर के हेड कांस्टेबल फिरदौस अहमद को सिक्योरिटी होल्ड एरिए में पैसों से भरा एक बैग मिला जिसमे करीबन नब्बे हज़ार रूपये रखे हुए थे। इतने पैसे किसी का ईमान डगमगाने के लिए काफी होतें हैं लेकिन फिरदौस के  ईमान को  डिगा न सकें। उन्हें अपनी ड्यूटी की जिम्मेदारियों का अच्छे से अहसास तो था ही साथ ही पैसों से भरे बैग के मालिक की परेशानी महसूस करने की समझ भी।

और पढ़े -   किसान आत्महत्या कर रहे और शिवराज के मंत्री थिएटर में फिल्मों के टिकट बेच रहे

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE