कश्मीर की महकती वादियों से निकलने वाली बारूद की गंध में प्यार, मुहब्बत और भाईचारे की एक अलग महक आती हैं जो दिल को एक अलग ही सुकून देती हैं. बर्बर शाह इलाके में बुधवार को एक कश्मीरी पंडित महिला का निधन हो गया था. इस दौरान कश्मीरी मुसलमानों ने ही कश्मीरी पंडित महिला के अंतिम संस्कार का सारा प्रबंध किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कश्मीरी पंडित महिला रूपा शौरी (89 वर्ष) का देहांत बुधवार को बर्बर शाह स्थित उनके घर पर हुआ था, जहां वह उनके पति डा. त्रिलोक नाथ गंजू के साथ रह रही थीं। रूपा के पति त्रिलोक नाथ के अनुसार वह 1990 से यहां पर हैं, जब कश्मीरी पंडित समुदाय ने पलायन किया था। हमारे पास अच्छे विकल्प थे, लेकिन यहीं रहने का फैसला लिया।

और पढ़े -   पश्चिम बंगाल: निकाय चुनाव में चला ममता का जादू, निकली मोदी लहर की हवा

कभी भी यहां अपने को असुरक्षित महसूस नहीं किया, खासकर मेरी पत्नी ने। उनकी कई मुस्लिम महिलाएं सहेलियां थी। यही वजह रही कि वह इस जगह को नहीं छोड़ सकीं। रूपा के निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय में भी शोक की लहर दौड़ गई। घर पर लोगों का तांता लग गया।

स्थानीय मोहम्मद यासीन ने कहा कि वह मेरी बहन जैसी थीं। मैं कोई काम करने से पहले उनसे सलाह लिया करता था। वहीं मोहम्मद सुब्हान ने कहा कि अपने पड़ोसियों की मदद करना हमारा फर्ज है, हमने वहीं किया। हमने अपना पड़ोसी खोया है। रूपा के रिश्तेदारों के साथ मिलकर कश्मीरी मुसलमानों ने अंतिम संस्कार का प्रबंध किया।

और पढ़े -   मध्यप्रदेश: शिवराज के मंत्री ने किया स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रध्वज का अपमान

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE