जम्मू कश्मीर सीएम महबूबा मुफ्ती ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की और से कश्मीर विवाद का शांतिपूर्ण हल निकालने के लिए अमेरिका और चीन की मध्यस्थता स्वीकारने के सुझाव की आलोचना की है.

उन्होंने कहा कि कश्मीर विवाद को सुलझाने के लिए बाहरी शक्तियों की जरूरत नहीं है हम मिलकर समाधान सुलझा लेंगे. अमेरिका को तीसरा पक्ष बनाने को लेकर महबूबा ने कहा कि कश्मीर विवाद सुलझाने में यदि अमेरिका दखल देता है तो राज्य की हालत इराक और सीरिया जैसी हो जाएगी.

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मुख्यमंत्री ने कहा, ‘चीन और अमेरिका अपना काम करें. हमें पता है कि उन देशों की हालत क्या है, जहां अमेरिका ने हस्तक्षेप किया है. अफगानिस्तान, सीरिया या इराक के हालात हमारे सामने हैं.’ महबूबा ने कहा कि सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बातचीत से ही कश्मीर मुद्दे का समाधान हो सकता है.

महबूबा ने आगे सवाल करते हुए कहा, ‘क्या फारूक अब्दुल्ला को पता नहीं है कि सीरिया और अफगानिस्तान में क्या हुआ?’ महबूबा ने कहा, ‘जैसा कि वाजपेयी जी लाहौर घोषणापत्र में कह चुके हैं कि कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए भारत और पाकिस्तान को बातचीत करनी चाहिए.’

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