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घाटी में पिछले पांच दिनों से चल रही हिंसा के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की कारवाई में 35 लोगों की मौत हो गयी है जबकि 1300 से ज़्यादा घायल हो गये हैं. श्रीनगर के श्री महाराजा हरी सिंह अस्पताल में सैंकड़ों की तादाद में घायल भर्ती किए गए हैं. यहाँ कोई पेलेट गोली से तो कोई टियर गैस शैल लगने से या कोई गोली लगने से घायल हो गया है. श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल के डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है कि 100 लोगों की आंखों में चोट लगी है.  श्रीनगर में जब भी सुरक्षाबलों और लोगों की हिंसक झड़पें होती हैं तो ज्यादातर लोगों की आंखों में चोट लगती है.

डॉक्टरों का कहना है कि घायलों में 130 घायल ऐसे थे जिनकी आँखों को पेलेट लगे हैं और जिनमें 10 से 15 घायलों की आँखों की रौशनी चली गयी है. रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉक्टर आदिल कहते हैं ” यहाँ घायलों की बड़ी तादाद ऐसी लायी गयी जिनके जिस्म के ऊपरी हिस्सों में गोली या पेलेट लगा है. एक चार वर्षीय बच्ची को भी पेलेट लगा है. पांच युवाओं की हालत अब भी नाज़ुक है. जिन घायलों को यहाँ लाया गया उनमें से 80 प्रतिशत ऐसे थे जिनकी उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच है. “

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, ‘‘कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति के दौरान घायल हुए लोगों की देखभाल के लिए नई दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से सर्जनों के विशेष दल को कश्मीर लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार सुबह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा से बात की और उनसे अनुरोध किया कि रेटिना सर्जनों समेत विशेषज्ञों के एक दल को कश्मीर भेजा जाए ताकि आंखों संबंधी चोट से ग्रस्त लोगों का इलाज किया जा सके. प्रवक्ता के अनुसार, ‘‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि ये विशेषज्ञ डॉक्टर आज यहां पहुंचेंगे और तत्काल काम पर लग जाएंगे।’’

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि कश्मीर में डॉक्टर भेजें. उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम एक ट्वीट किया, “कृपया कुछ नेत्र रोग विशेषज्ञों को कश्मीर भेजिए. अब लोगों के जख्मों को सहलाने का वक्त है.”


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