नयी दिल्ली – जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी को लेकर जो सात वीडियो सामने आए थे उनमें से दो वीडियो फर्जी पाए गये हैं। साफ शब्दों में कहें तो दो वीडियो के साथ छेड़खानी की गई थी। इस बात का खुलासा फॉरेंसिक रिपोर्ट में हुआ है। इंडिया टुडे के मुताबिक दिल्ली सरकार ने इन सभी वीडियोज को हैदराबाद के फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा था।

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जांच रिपोर्ट अब दिल्ली सरकार को सौंप दी गई है। और भी वीडियो में छेड़खानी की बात कही गई है। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद एक बार फिर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है।

दिल्ली सरकार ने इस बात की पुष्टि की है कि इन वीडियोज में जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर देशद्रोही नारेबाजी करने का आरोप साबित नहीं किया जा सकता। वीडियो की जांच में सामने आया है कि ऑडियो और विजुअल दोनों आपस में मेल नहीं खाते।

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बताया जा रहा है कि वीडियो 11 फरवरी का है और उसमें इस्तेमाल किया गया ऑडियो 9 फरवरी का। यानी वीडियो वह है, जिसमें कन्हैया संघ और बीजेपी के खिलाफ अपनी बात रख रहा है। वह संघवाद से आजादी की बात कर रहा है। जबकि ऑडियो वह जिसमें देशविरोधी नारेबाजी की जा रही है।

Courtesy:http://hindi.oneindia.com/

English summary At least two out of the seven video clips of the alleged ‘anti-national’ sloganeering in JNU on February 9 and 11 have been ‘doctored,’ according to forensic reports.

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