kashmir_stonepelting_story_647_070516060856

केंद्र सरकार द्वारा दावा किया गया था कि 500 और 1000 के नोटों को अमान्य किये जाने के बाद से कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी समाप्त होने कीकगार पर हैं. लेकिन सरकारी दावों के पत्थरबाजी लगातार जाती हैं.

राज्य सरकार की और से दी गई जानकारी के अनुसार, आठ नवंबर की रात को नोटबंदी घोषणा के बाद से अब तक पत्थरबाजी के 15 मामले सामने आये हैं इनमे से 10 मामलें तो सिर्फ रविवार के हैं. कश्मीर में एक नवंबर से लेकर 14 नवंबर तक पत्थरबाजी की कुल 49 मामले सामने आये हैं. अगर इसमें से नोटबंदी के बाद वाले 15 मामले निकाल दिए जाये तो आठ दिनों में पत्थरबाजी की 34 घटनाएं सामने आई हैं.

रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने पिछले सोमवार को दावा किया था कि 500 और 1000 के नोट को बंद करने की घोषणा के बाद घाटी के हालात सुधरे हैं. लेकिन इसके विपरीत राज्य पुलिस और गृह विभाग के आंकड़े साबित करते हैं कि कश्मीर में सुधरते हालात का नोटबंदी से कोई वास्ता नहीं है.

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर इस बात पर गुस्सा जताया है कि जम्मू-कश्मीर के युवकों पर यह आरोप लगाना गलत है कि वे 500-1000 रुपयों के नोटों के लिए पत्थर मारते रहे हैं.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें
SHARE