दिल्ली से ईद की शोपिंग कर लोट रहे हाफिज जुनैद के क़त्ल में बड़ा खुलासा हुआ है. घटना के पीड़ित मोहसिन का कहना है कि जुनेद की हत्या सीट के लिए नहीं हुई थी, बल्कि मुस्लिम होने की वजह से उस पर बीफ का आरोप लगाकर उसकी हत्या की गई. ख़ास बात ये है कि ये सब कुछ जीआरपी के सामने हुआ.

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मोहसिन का कहना है कि ‘सबकुछ सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) की आंखों के सामने हो रहा था. लेकिन उन्होंने हमारी मदद करने से इंकार कर दिया. हमने कई बार पुलिस को मदद के लिए बुलाया. आपातकालीन नंबर्स पर भी फोन किया लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला.’

पुलिस का कहना है कि 15-20 लोगों का ग्रुप मथुरा के पास ट्रेन में चढ़ा. जहां सीट विवाद को लेकर हुई बहस हिंसा में बदल गई. इस दौरान कुछ लोगों ने मुस्लिम युवाओं को राष्ट्र विरोधी और गोमांस खाने वाला कहकर संबोधित किया. जिसके बाद उनकी टोपी को उतारकर ट्रेन के फर्श पर फेंक दिया, उनकी दाढ़ी खींची और भद्दी गालियां दीं.

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वहीँ हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू ने हिंसा में बीफ विवाद को मुख्य वजह होने पर नकारा है. उन्होंने आगे कहा कि ये साफ तौर पर दो ग्रुप में हुई लड़ाई थी जो बाद में गंभीर हिंसा में बदल गई और इसमें एक शख्स की जान चली गई. हम घटना के मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर चुके हैं.

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