जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों ने नजीब अहमद मामले को दिल्ली पुलिस से सीबीआई को हस्तांतरित करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत किया है. साथ ही यह सवाल भी उठाया कि क्या सरकारी जांच एजेंसी को छात्र के गायब होने के इस मामले की स्वतंत्र जांच का मौका दिया जाएगा.

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष मोहित कुमार पांडेय ने कहा, यह एक अच्छा कदम है लेकिन हम अदालत की निगरानी मंे एक स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे थे. यहां तक कि सीबीआई भी केंद्र सरकार के दायरे में काम करती है और उसे प्रभावित किया जा सकता है, जैसा हमने कई मामलों में देखा है.

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न्यायमूर्ति जी एस सिस्तानी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एक पीठ ने छात्र की मां की अपील पर मामला सीबीआई के हवाले कर दिया. इससे पूर्व दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे मामला हस्तांतरित करने पर कोई एतराज नहीं है.

एबीवीपी नेता सौरभ शर्मा ने कदम का स्वागत किया और कहा, हम उम्मीद करते हैं कि सीबीआई नजीब का पता लगा लेगी और आईएसआईएस से उसके कथित संबंधों को उजागर करेगी जिसे दिल्ली पुलिस छुपा रही है.

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जेएनयू शिक्षक संघ अध्यक्ष आयशा किदवई ने उम्मीद जताई कि सीबीआई नजीब की तलाश उस गंभीरता से करेगी जो न तो पुलिस और न ही जेएनयू प्रशासन ने ही अभी तक दिखाई है.


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