झारखंड के राजनगर में बच्चा चोरी की झूठी अफवाह फैला कर की गई चार मुस्लिम युवकों की हत्या के बाद पीड़ित परिवारों ने आरोपियों को मौत की सज़ा देने की मांग करते हुए शवों को दफनाने से इनकार कर दिया है. साथ ही झारखंड सरकार की और से दी गई दो लाख की आर्थिक मदद भी ठुकराई दी गई है.

ग्रामीणों ने भीड़ द्वारा मारे गए चारों लोगों की लाश लेने से इंकार करते हुए पुलिस को पोस्टमार्टम भी नहीं कराने दिया. गाँव के मुखिया सैयद जबीउल्लाह  ने बीबीसी को बताया, “कल और आज गांव में लोगों की बैठक हुई. इसमें फैसला लिया गया कि जबतक सरकार मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं देती, गांव वालों का विरोध जारी रहेगा.

उन्होंने बताया कि अगर प्रशासन ने शीघ्र ही हत्यारों को गिरफ्तार नही किया, तो हम अपने विरोध को और धार देंगे. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि व के लोगों ने कल जुमे की नमाज भी काला बिल्ला लगाकर पढ़ी.

बच्चा चोर गैंग की अफ़वाह पर प्रदेश के डीजीपी ने कहा कि गांव से पिछले एक साल में कोई बच्चा ना चोरी हुआ है ना ही लापता हुआ है. पुलिस के पास बच्चा चोरी होने की कोई रिपोर्ट दर्ज नही है.


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