जाट आरक्षण पर केंद्र सरकार से मिले आश्वासन के बाद अधिकारियों ने कैथल और इसके निकटवर्ती कस्बे कलायत से रविवार (21 फरवरी) को कर्फ्यू हटा लिया। जाट आंदोलन के मुख्य केंद्र रोहतक में अब भी कर्फ्यू लगा हुआ है।

हरियाणा में जाट समुदाय की आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को भी जारी है। हरियाणा के मंत्री राम बिलास शर्मा ने मीडिया को बताया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार इस आंदोलन के चलते अब तक 16 लोगों की जान जा चुकी हैं।

सोनीपत में जहां आंदोलनकारियों ने 6 बसों में आग लगा दी वहीं रोहतक से भी हिंसा की खबर है। जबकि दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे फिर से बंद कर दिया गया है, हालांकि कुछ समय के लिए यहां आवाजाही हुई थी। इससे पहले कल रविवार (21 फरवरी) को  हरियाणा में जाट समुदाय की आरक्षण की मांग की समीक्षा के लिए केंद्रीय मंत्री के अधीन एक समिति गठित करने की भाजपा की घोषणा के बाद आंदोलनकारियों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में नाकेबंदी हटानी शुरू कर दी थी और हिंसाग्रस्त राज्य में जनजीवन सोमवार (22 फऱवरी) को फिर से सामान्य होने लगा था। कई दिनों तक जनजीवन अस्त व्यस्त रहने के बाद कैथल समेत कुछ शहरों में हालात सामान्य हुआ है और अधिकारियों ने अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद व्यक्त की है।

अधिकारियों ने कैथल और इसके निकटवर्ती कस्बे कलायत से रविवार (21 फरवरी) को कर्फ्यू हटा लिया। जाट आंदोलन के मुख्य केंद्र रोहतक में अब भी कर्फ्यू लगा हुआ है। वहां पिछले 24 घंटे के दौरान हिंसा और आगजनी की किसी घटना की सूचना नहीं मिली है। रोहतक के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘रोहतक में पिछले 24 घंटों में कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई और रविवार रात स्थिति शांतिपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि हालांकि रोहतक में कुछ स्थानों पर अब भी सड़क पर नाकेबंदी है, दिन में हालात सुधरने की उम्मीद है।”

रोहतक जिला प्रशासन के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘रोहतक के बाहरी इलाकों में कुछ स्थानों पर नाकेबंदी है लेकिन शहर में हालात सामान्य है। आंदोलनकारी अपने घर लौट गए हैं।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘लेकिन महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में अब भी आंदोलनकारी बैठे हुए हैं और हमें उम्मीद है कि वे भी शीघ्र अपने अपने घरों को लौट जाएंगे।’’

जाट आंदोलन के हिंसक हो जाने के बाद रोहतक और अन्य इलाकों में सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को बड़ा नुकसान हुआ है। हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद रोहतक, झज्जर, जींद, हिसार, हांसी, सोनीपत और सोनीपत के गोहाना कस्बे में कर्फ्यू लगाया गया था।

यमुनानगर में सहानपुर-अंबाला, पोंटा साहिब-यमुनानगर, अंबाला-कैथल, सहारनपुर-पिपली-कुरच्च्क्षेत्र, जीकरपुर-परवाणू और लाडवा-शाहाबाद समेत कुछ राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से रविवार (21 फरवरी) रात नाकाबंदी हटा दी गई। अन्य इलाकों से मिली रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग से सड़क नाकेबंदी हटाई जा रही है ताकि यातायात बहाल हो सके। रिपोर्ट के अनुसार कुरुक्षेत्र और झज्जर में भी नाकेबंदी हटा ली गई है। (Jansatta)


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