नई दिल्ली। हरियाणा में आरक्षण के लिए पिछले पांच दिन से जारी हिंसक प्रदर्शन के बाद सोमवार को राज्य सरकार ने जाट अंदोलन में निर्दोष मृतकों को दस लाख रुपए और परिवार में से किसी एक को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया। राज्य सरकार के मंत्री ओपी धनखड़ ने घोषणा का ऐलान करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार जाट अंदोलन में पीड़ित परिवारों को सहयोग और निर्दोष मृतकों को दस लाख रुपए की सहायत देगी।

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ओपी धनखड़ ने कहा कि जाट आंदलोन में मरने वाले आंदोलनकारियों के परिवार में से किसी एक को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही जाट आंदोलन को लेकर किसी भी व्यक्ति को किसी झूठे मुकदमे में नहीं फसाया जायगा।

इससे पहले हरियाणा कैबिनेट ने जाट आंदलोन में मरने वाले आंदोलनकारियों के परिवार को 10 लाख और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का प्रस्ताव पास किया। कैबिनेट मीटिंग के बाद अनौपचारिक बातचीत हो रही थी जिसमें अनिल विज के अलावा कई और मंत्री भी थे। तभी विज ने सवाल उठाया कि बवालियों के लिए 10 लाख और जिनकी दुकानें जलाईं गईं उन्हें क्या दिया जा रहा है। इसी बात पर जाट नेता ओपी धनखड़ के साथ विज की बहस हो गई। बहस के दौरान अनिल विज ने अपने इस्तीफे की पेशकश भी कर दी।

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इससे पहले आज जाटों ने अपने विरोध प्रदर्शन बंद करने का ऐलान किया। साथ ही आंदोलन के समय से बंद दिल्ली-रोहतक राष्ट्रीय राजमार्ग खोलने का ऐलान किया। बता दें 14 फरवरी को सांपला से ही जाट आरक्षण आंदोलन की शुरुआत हुई थी। (Ibnlive)


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