ओबीसी में आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थ्ज्ञान के भरतपुर और धौलपुर के जाटों का आंदोलन शुक्रवार को उग्र हो गया। जाटों ने रेलवे ट्रेक पर कब्जा जमाए रखा। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 सहित कई जगह आगजनी कर सडकें रोकी गई और बसों में तोडफोड भी की गई।

हालात को देखते हुए भरतपुर में 30 जून तक धारा 144 लगा दी गई है। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा भी बढा दी गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार लिखित में यह बताए कि जाटों को आरक्षण का लाभ कब तक मिल जाएगा।

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आरक्षण की मांग को लेकर जाटों ने वैसे तो 23 जून से आदांेलन की चेतावनी दी थी, लेकिन इसे एक दिन पहले गुरूवार को ही शुरू कर दिया गया। डीग कस्बे में बहज गांव में महापंचायत के लिए इकट्ठा हुए जाट शाम को ही अलवर-मथुरा रेलवे ट्रेक पर पहुंच गए और रेल यातायात रोक दिया। इसके बाद रेलवे ट्रेक पर कब्जा शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जयपुर-आगरा रेलवे ट्रैक को भी शुक्रवार सुबह आंदोलनकारियों ने जाम कर दिया। साथ ही आंदोलनकारियों ने कोटा-दिल्ली ट्रैक भी ठप कर दिया। अब ट्रेनों को आगरा होते हुए निकाला जा रहा है।

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भरतपुर से निकलनेवाला रेलवे ट्रैक राजस्थान को यूपी के अतिरिक्त बिहार व पश्चिम बंगाल तक जोड़ता है। ऐसे में हजारों यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आंदोलनकारी जगह-जगह ट्रैक पर जमा हो गए हैं, वहीं भरतपुर-आगरा, भरतपुर-जयपुर, भरतपुर-अलवर सहित हाईवे जाम कर दिए गए हैं। सडकों पर जाम के कारण भरतपुर से बसों का संचालन भी बंद हो गया है। भरतपुर जानेवाली बसें महुआ तक ही जा रही हैं।

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गर्मियों की छुट्टियों में दिल्ली से जयपुर और आगरा जाने वालों को इस आंदोलन से काफी परेशानी हुई। जयपुर से आगरा और मथुरा जाने के लिए भरतपुर हो कर ही रास्ता जाता है। ऐसे में पर्यटकों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड रहे है।


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