हरियाणा में नौ दिनों से चल रहे जाट आंदोलन के दौरान हिंसा जारी रहने के बीच उग्र भीड़ ने सोमवार को एक सड़क से जाम हटाने का प्रयास कर रहे सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया और कई सरकारी वाहनों में आग लगा दी। 

हरियाणा में नौ दिनों से चल रहे जाट आंदोलन के दौरान हिंसा जारी रहने के बीच उग्र भीड़ ने सोमवार को एक सड़क से जाम हटाने का प्रयास कर रहे सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया और कई सरकारी वाहनों में आग लगा दी। इस बीच आंदोलन में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 19 हो गई है। सोनीपत जिले के लाडसोली गांव में अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को साफ करने का प्रयास कर रहे सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के साथ प्रदर्शनकारियों के संघर्ष में तीन लोगों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पानीपत से दिल्ली के बीच कई स्थानों पर सड़क मार्ग जाम कर दिया, जिसके चलते महत्त्वपूर्ण राजमार्ग को फिर से खोलने के प्रयास बेकार रहे। यह राजमार्ग दिल्ली को जम्मू कश्मीर और पंजाब समेत उत्तर भारत से जोड़ता है। राष्ट्रीय राजमार्ग से अवरोध हटाने के कुछ ही देर बाद प्रदर्शनकारी गनौर और मुरथल के बीच लाडसोली में राजमार्ग पर एकत्रित हो गए।

पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने अवरूद्ध सड़क को साफ करने का प्रयास कर रहे सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों पर पत्थर फेंके जिसके बाद संघर्ष में तीन लोग मारे गए और नौ अन्य घायल हो गए। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान सन्नी (गांधी नगर), राजेश (सामली) और संदीप (सोनीपत) के तौर पर की गई है। प्रवक्ता के अनुसार नौ घायलों को सोनीपत के पास पीजीआई, खानपुर में भर्ती कराया गया है।

आंदोलनकारियों द्वारा दिल्ली-अंबाला राजमार्ग सहित कई सड़कों को जाम किए जाने के बीच केंद्र ने सुरक्षाबलों को जाम हटाने के लिए बल प्रयोग करने को कहा। केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने दिल्ली में कहा कि सुरक्षा बलों से उन सभी स्थानों को मुक्त कराने को कहा गया है जहां आंदोलनकारी बैठे हुए हैं और जिससे संचार नेटवर्क और जलापूर्ति प्रभावित हुई है।

इस बीच शाम को आल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गाें पर अपना धरना हटाने की घोषणा की। जाट समुदाय की आरक्षण की मांग पर एक केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में भाजपा के समिति गठित करने के मद्देनजर यह फैसला किया गया। सोनीपत के अलावा रोहतक, कैथल और हिसार सहित कई जिलों में हिंसा और आगजनी की ताजा घटनाएं हुई हैं।

सोनीपत के उपायुक्त राजीव रतन ने कहा कि सेना, अर्द्धसैनिक बल और पुलिस के जवानों पर जिले में भीड़ ने उस समय हमला किया जब वे एक सड़क से जाम हटाने का प्रयास कर रहे थे। भीड़ ने उन पर पत्थर फेंके और लाठियों का भी प्रयोग किया। इस घटना में कुछ सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।

उपायुक्त ने कहा कि भीड़ ने तोड़फोड़ की और सुरक्षा बलों पर हमला किया और सरकारी वाहनों में आग लगा दी। उन्होंने कहा कि पूरे इलाके में तनाव है। सीआरपीएफ और हरियाणा पुलिस के अलावा सेना के करीब 150 जवानों के दो कॉलम ने सुबह करीब चार बजे मुनक नहर का नियंत्रण दिल्ली को जलापूर्ति बंद करने वाले आंदोलनकारियों से अपने कब्जे में ले लिया। इसके कुछ घंटों के बाद यह घटना हुई।

आगजनी और हिंसा की ताजा घटनाओं के बाद हिसार में हांसी अनुमंडल के पांच गांवों, हिसार शहर की सीमा और कैथल में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया। जाटों और अन्य समुदाय के लोगों के बीच तनातनी के बाद जिले के पांच गांवों में कर्फ्यू लगा दिया गया और हिंसा करने वालों को देखते ही गोली मारने के निर्देश दिए गए हैं।

हिसार से दिल्ली, लुधियाना, भिवानी और सादुलपुर सहित विभिन्न जगहों के लिए रेल यातायात भी स्थगित रहा। हरियाणा सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को दस लाख रुपए की राहत देने की घोषणा की है। कृषि मंत्री ओ पी धनकड़ ने कहा कि इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी और निर्दोष लोगों के खिलाफ कोई मामला नहीं दर्ज किया जाएगा।

कैथल से भी हिंसा की खबरें हैं जहां कल रात कर्फ्यू हटा लिया गया था। लेकिन आज फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया। हाथों में डंडे लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने हिंसा प्रभावित जिले में एक मॉल और कई दुकानों में आज तोड़फोड़ की। जिले में सेना और पुलिस की तैनाती की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि आंदोलनकारियों ने एक दोपहिया वाहन में आग लगा दी और कई अन्य वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। बाद में, गैर-जाट समुदाय के कई सदस्यों ने अपनी दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में कथित तौर पर असफल रहने को लेकर प्रशासन के खिलाफ मार्च का आयोजन किया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

आंदोलनकारियों ने रोहतक जिले के महम में स्थानीय एसडीएम के एक सरकारी वाहन को आग के हवाले कर दिया। जाट आंदोलन के हिंसक हो जाने के बाद रोहतक और अन्य क्षेत्रों में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को व्यापक नुकसान हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार कुरुक्षेत्र और झज्जर क्षेत्रों में भी अवरोधक हटा लिए गए थे। रेलवे ने जाट आंदोलन के कारण फंसे यात्रियों के लिए जम्मू और चंडीगढ़ की खातिर स्पेशल ट्रेनें शुरू की है। (Jansatta)


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें