pellet

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने पप्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने से इंकार कर दिया हैं.  जमीनी स्थिति का हवाला देते अदालत ने अनियंत्रित भीड़ पर काबू करने के लिए सेना द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल को सही बताया.

अदालत ने कहा कि हिजबुल आतंकी बुरहान वानी की मौत पर घाटी में जैसे हालात थे, उन पर काबू करने के लिए सेना के फैसले को गलत नहीं ठहराया जा सकता. किसी भी स्थिति पर काबू करने का फैसला वहां तैनात जिम्मेदार अफसरों को लेना होता है। कोर्ट को विश्वास है कि अफसर उपलब्ध साधनों का उचित प्रयोग करने की समझ रखते हैं. ऐसे में बिना स्थिति की गंभीरता को जाने पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगाई जा सकती है.

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन पॉल वसंतकुमार और न्यायमूर्ति अली मोहम्मद मार्गे की पीठ ने आगे कहा  ‘वर्तमान जमीनी स्थिति तथा यह बात ध्यान में रखकर कि भारत सरकार का गृह मंत्रालय पैलेट गनों का अन्य विकल्प ढूंढने के लिए 26 जुलाई, 2016 को अपने स्मार पत्र के जरिए पहले ही विशेष समिति गठित कर चुका है….. ’

पीठ ने कहा, ‘विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने और सरकार द्वारा निर्णय लिए जाने से पहले हम दुर्लभ और अतिवादी स्थितियों में पैलेट गनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं हैं.’ गौरतलब रहें कि बार एसोसिएशन ने घाटी में पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग करते हुए जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में एक याचिका दी थी.


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

Related Posts

loading...
Facebook Comment
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें