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महाराष्ट्र में इस्लामिक बैंकिंग की शुरूआत हो गई हैं. सोलापुर की लोकमंगल बैंक की बाश्री शाखा में शुक्रवार को इस्लामिक बैंकिंग सेवा की शुरुआत कर लोगों को बिना ब्याज के कर्ज दिया गया.

इस्लामिक बैंकिंग के तहत अब पैसा जमा करने वाले मुसलामानों को न तो कोई ब्याज मिलेगा और न ही बैंक से कर्ज लेने मुसलमानों को ब्याज देना पड़ेगा. ध्यान रहें कि इस्लाम में ब्याज के लेन-देन को हराम यानि मना फरमाया.

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बाश्री शाखा में इस्लामिक बैंकिंग की शुरूआत के साथ ही पहले दिन 12 लोगों को एक लाख और 50 हजार का ब्याज मुक्त लोन दिया गया. इन लोगों को कर्ज देने की सिफारिश जमाकर्ताओं के द्वारा की गई थी. शाखा ने भविष्य में भी यही नीति अपनाने का फैसला किया हैं. इससे मुस्लिम समाज के लोगों को इस्लामिक बैंक के माध्यम से बिना ब्याज का कर्ज मिल पायेगा.

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इस्लामिक बैंकिंग

शरियत के कानूनों पर आधारित बैंकिंग को इस्लामिक बैंकिंग कहा जाता हैं. यह बैंकिंग सेवा ब्याज से पूरी तरह मुक्त होती हैं. इसमें ब्याज का लेन-देन किसी भी रूप में नहीं किया जाता. साथ ही बैंक जमाकर्ता के धन को इस्लामिक नियमों के तहत ही व्यवसाय में लगा सकता हैं.


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