यूपी के सहारनपुर में फिर से दहली जातीय हिंसा के बाद अब जाकर योगी सरकार हरकत में आई है. तुरंत प्रभाव से डीआईजी, कमिश्नर, डीएम और एसएसपी को हटा दिया गया है.  इसके अलावा हिंसा प्रभावित इलाके के एसडीएम और सीओ को भी निलंबित कर दिया गया है.

जिला प्रशासन ने किसी भी तरह के अफवाह से बचने के लिए ये इंटरनेट, मैसेजिंग एवं सोशल मीडिया पर रोक लगा दी है. जिला प्रशासन का कहना हैं कि आपराधिक तत्व अफवाह और भ्रामक सूचनाओं को फैलाने में सोशल मीडिया का प्रयोग कर रहे हैं.

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जिलाधिकारी एनपी सिंह ने अपने आदेश में कहा, धारा 144 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए दूरसंचार प्रदाता कंपनियों के मोबाइल नेटवर्क में उपलब्ध सभी इंटरनेट मैसेजिंग एवं सोशल मीडिया की सुविधाओं पर अग्रिम आदेश तक रोक लगायी जाती है.

इस बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया है. सहारनपुर की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है. मंगलवार को मल्हीपुर रोड पर हुई हिंसा में मारे गये आशीष के परिजनों को राज्य सरकार ने 15 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

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कांग्रेस ने सहारनपुर में हिंसा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए डीएम और एसएसपी के खिलाफ एससी/एसटी (प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज) एक्ट के तहत कार्रवाई करनी चाहिए. दलित परिवारों से मिलने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी जल्द सहारनपुर का दौरा कर सकते हैं.


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