मुबंई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता एमजी वैद्य ने कहा कि शासन के लिहाज से महाराष्ट्र का विभाजन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक नये राज्य पुर्नगठन आयोग का गठन होना चाहिए।

mg vaidyaवैद्य ने आगे कहा कि किसी भी राज्य की जनसंख्या 3 करोड़ से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र में राज्य के महाधिवक्ता श्रीहरि अणे ने मराठवाड़ा को अलग राज्य बनाने की मांग का समर्थन किया था, जिस पर विवाद शुरू हो गया था।

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उनके इस बयान ने महाराष्ट्र मे सियासत गरमा गई थी। शिवसेना ने इस मुद्दे की अगुवाई करते हुए बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था जिसका कांग्रेस-एनसीपी समेत बाकी दलों ने भी समर्थन दिया था और बाद में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।

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