लम्बे समय से की जा रही शराबबंदी को लागू करने की मांग को उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने ठुकरा दिया है. सरकार ने कहा कि प्रदेश में शराबबंदी को लागू किया जाना जनहित में उचित प्रतीत नहीं होता.

आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने विधानसभा में कहा कि आबकारी विभाग के राजस्व का जनकल्याण तथा विकास की अन्य योजनाओं में प्रयोग किया जाता है. शराब पर प्रतिबंध लगाने से प्रदेश में इसकी अवैध बिक्री को परोक्ष रूप से बढ़ावा मिलेगा और लोग अवैध स्रोतों से इसे खरीदने लगेंगे.

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उन्होंने कहा, इससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ेगा. इस प्रकार, व्यापक राजस्वहित और जनहित के मद्देनजर प्रदेश में शराबबंदी लागू किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता.

आबकारी मंत्री ने कहा कि वह शराब का समर्थन नहीं करते हैं लेकिन इस पर पाबंदी लगाना भी व्यावहारिक रूप से सम्भव नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा, कांग्रेस प्रदेश में शराबबंदी का मुद्दा उठा रही है, जिसने इस देश और प्रदेश पर 50 साल से ज्यादा समय तक राज किया.

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