मध्य प्रदेश के पनागर तहसील में जातिगत भेदभाव के कारण रास्ता नहीं दिए जाने पर नीची जाती के लोगों को एक शवयात्रा तालाब में से होकर निकालनी पड़ी.

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव से शमशान घाट तक जाने के लिए केवल एक कच्ची सड़क थी जो बरसात में डूब गई थी. जिसके बाद आवाजाही के लिए खेत का रास्ता बचा था. लेकिन पिछड़ी जाति के लोगों को उस रास्ते से शव यात्रा निकालने से रोक दिया गया.

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मजबूरन शव को शमशान तक ले जाने के लिए 4 फीट पानी से भरे तालाब से होकर गुजना पड़ा.  बताया जा रहा है कि जिस रास्ते से जाने के लिए पिछड़ी जाति के लोगों को रोका गया, वह सरकारी जमीन है, जिस पर दबंगों ने अपना कब्जा कर रखा है.

इस मामले पर जबलपुर के कलेक्टर का कहना है कि यह आपसी रंजिश का मामला है. सभी एक ही जाति के हैं. इसमें कहीं ऊंची और नीची जाति की बात नहीं है. निचली जाति के लोगों ने आरोप लगाया था कि ऊंची जाति के कुछ दबंगों ने अपने खेत से उन्हें शव यात्रा नहीं निकालने दिया, जिसके बाद उन्हें तालाब के रास्ते शमशान घाट तक जाना पड़ा.

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