राजस्‍थान सरकार के वरिष्‍ठ आईएएस अधिकारी ने स्‍वैच्छिक सेवानिवृति की मांग की है. पिंकसिटी प्रेस क्‍लब में पत्रकार वार्ता कर सालोदिया ने स्‍वैच्छिक सेवानिवृति की घोषणा की.

घोषणा के बाद राजस्‍थान सरकार के चिकित्‍सा मंत्री ने प्रेसवार्ता कर राजस्‍थान सरकार का पक्ष रखा. इसमें उन्‍होंने भेदभाव के आरोपों को नकारा.

सीएम को लिखा पत्र

आईएएस अधिकारी उमराव सालोदिया ने मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे को पत्र लिखकर 31 दिसम्‍बर से 3 महीने का नोटिस दिया है. एक प्रति भारत सरकार को भेजी गई है. सालोदिया की सेवानिवृति 30 जून 2016 में थी.

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जताई नाराजगी

उमराव सालोदिया ने मुख्‍य सचिव नहीं बनाए जाने पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है. उन्‍होंने कहा कि वर्तमान मुख्‍य सचिव सीएस राजन को 3 माह का एक्‍सटेंशन दे दिया गया है. वह लगातार अपने जूनियर के नीचे कार्य नहीं कर सकते है.

इस्‍लाम कबूला

आईएएस उमराव सालोदिया ने कहा कि उन्‍होंने दलितों के प्रति अपमान और दुर्व्‍यवहार को देखते हुए इस्‍लाम धर्म कबूल कर लिया है. भविष्‍य में वह इस्‍लाम धर्म का ही पालन करेंगे. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि राजस्‍थान की पुलिस ने उनके दर्ज किए गए परिवाद में भी कोई कार्यवाही नहीं की.जिससे वह व्‍यथित नजर आए. हालांकि उमराव सालोदिया इससे पूर्व में भी इस्‍लाम के प्रति अपना झुकाव दर्शा चुके है.

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सरकार ने खारिज किया पक्ष

राजस्‍थान सरकार ने उमराव सालोदिया के आरोपों को सिरे से खारिज किया. स्‍वास्‍थ्‍य भवन में चिकित्‍सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने प्रेसवार्ता कर कहा कि राजस्‍थान सरकार ने दलित होने के नाते उमराव सालोदिया से कोई भेदभाव नहीं किया. राजस्‍थान सरकार के अधिकार क्षेत्र में ही मुख्‍य सचिव सीएस राजन का सेवा विस्‍तार किया गया.  राठौड़ ने कहा कि अधिकारियों को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए. साभार: news18.com

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