पहले हरियाणा सरकार ने गुड़गांव और मेवात का नाम बदलने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी और अब हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन का नाम भी बदल दिया गया है. कल तक हुडा सिटी सेंटर के नाम से पहचाने जाने वाले मेट्रो स्टेशन का नाम अब शालीमार हुडा सिटी सेंटर हो गया है.

गुड़गांव और मेवात के बाद अब हुडा सिटी सेंटर का भी नाम बदला

दरअसल, कुछ दिन पहले डीएमआरसी ने मेट्रो स्टेशन के नाम बदले जाने संबंधित नया नियम बनाया था, जिसके आधार पर अब मेट्रो का नाम कोई भी संस्था कुछ नीतियों के हिसाब से बदलवा सकती है.

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इससे पहले हरियाणा सरकार ने गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम और मेवात का नाम बदलकर नूह करने की घोषणा की थी. राज्य सरकार का कहना था कि गुड़गांव का नाम बदलने का फैसला कई संस्थाओं के ज्ञापनों के आधार पर किया गया, जिसके मुताबिक गुड़गांव का नाम गुरुग्राम ज्यादा उपयुक्त होगा.

खट्टर सरकार के प्रवक्ता ने कहा था कि हरियाणा भगवद्गीता की ऐतिहासिक भूमि है और गुड़गांव विद्वता का केंद्र रहा है. गुरु द्रोणाचार्य के समय से ही इसे गुड़गांव के नाम से जाना जाता रहा है. गुड़गांव शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र था, जहां राजाओं को शिक्षा दी जाती थी.

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स्थानीय लोगों ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि नाम बदलने की ये परंपरा कोई नई नहीं है, लेकिन सवाल ये है कि क्या इस दौर में विकास को छोड़ नाम परिवर्तन कार्यक्रम चलाना ज्यादा जरूरी है?

साइबर सिटी गुडगांव के युवाओं की माने तो नाम क्या है या अब क्या रखा गया है इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. फर्क अगर पड़ता है तो विकास की धीमी होती रफ्तार से पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि नाम परिवर्तन पर ज्यादा जोर ना देकर सुविधाओं और विकास की पटरी पर गाड़ी की रफ्तार को बढ़ाया जाए. (hindi.pradesh18.com)

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