हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल ढाबे पर 10 महिलाओं से गैंगरेप की अफवाह पर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट हरकत में आ गई है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने डीजीपी और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीडि़त महिलाओं से बंद लिफाफे में विधि सेवा प्राधिकरण को शिकायत देने को कहा है।

हाईकोर्ट ने आश्वस्त किया कि सभी की पहचान गुप्त रखी जाएगी। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में पुलिस का रवैया शर्मनाक रहा है। कोर्ट ने आंदोलन के दौरान आर्थिक क्षति की शिकायतों के लिए हर जिले में हेल्प डेस्क बनाने का भी आदेश दिया। याद रहे कि हाईकोर्ट के जस्टिस एनके सांघी ने बुधवार को इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया और इसे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया।

हाईकोर्ट ने मामले में हरियाणा के महाधिवक्ता को तलब किया। हाईकोर्ट ने फैसला किया कि हर जिले में विधि सहायता प्राधिकरण से आगजनी व बलात्कार जैसी घटनाओं की जांच करवाई जाए। जांच में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी हों। मामले में अगली सुनवाई 29 फरवरी को की जाएगी।

हरियाणा मानवाधिकार आयोग के सदस्य पीपी कपूर और उत्सव बैंस ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा। आरोप लगाया कि पुलिस महानिरीक्षक व उपायुक्त गवाहों को धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने इस मांग को लेकर राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा है। (News24)


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