महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान द्वारा मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ज्योतिषी से इलाज पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भड़क उठे है. दरअसल, संस्थान ज्योतिष और वास्तु की ओपीडी लगाने जा रहा है. ये ओपीडी सितंबर महीने से शुरु होगी और इसकी फीस 5 रुपए होगी.

ज्योतिषी हफ्ते में दो बार तीन से चार घंटे तक या फिर सप्ताह के अंत में लोगों की कुंडली की मदद से रोगों का निदान करेंगे. मध्य प्रदेश पतंजलि संस्कृत संस्थान के डायरेक्टर पी आर तिवारी ने बताया कि ओपीडी में जिस तरह जूनियर डॉक्टर सीनियर डॉक्टर के देखरेख में काम करता है, ठीक उसी तरह एस्ट्रो ओपीडी में भी ज्योतिषी एक्सपर्ट्स की देखरेख में काम करेंगे.

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राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़ा संस्थान कैसे मरीजों का इलाज कर सकता है. उन्होंने कहा की ये संस्थान स्वास्थ्य विभाग से संबंद्ध नहीं है. ऐसे में वो इस तरह का इलाज कैसे कर सकता है.

रुस्तम सिंह के मुताबिक उन्हें इस तरह के केंद्र की कोई जानकारी नहीं है. हालांकि, उन्होंने कहा कि संस्थान शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करता है, तो वो कैसे किसी मरीज का इलाज कैसे कर सकता है.

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