झारखंड: राजधानी रांची के डोरंडा स्थित हजरत कुतुबुद्दीन शाह रेसालदार बाबा की दरगाह पर पांच दिवसीय सालाना उर्स सोमवार को समाप्त हो गया. उर्स के अंतिन दिन सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कुतुबुद्दीन रेसालदार बाबा की मजार पर चादरपोशी की.

हेमंत सोरेन ने उर्स के दौरान बाबा की मजार पर चढ़ाई चादर

इस अवसर पर उन्होंने राज्य की खुशहाली और भाईचारा बरकरार रहने की दुआ की. सोमवार रात्रि में कव्वाली मुकाबला का आयोजन होगा. गौरतलब है कि उर्स के दौरान विभिन्न धर्मों के श्रद्धालु दरगाह पहुंच कर श्रद्धा व्यक्त करते हैं और मन्नतें मांगते हैं.

राज्यपाल व राज्य सरकार के अलावे जैप वन और बीएमपी के जवानों द्वारा विशेष रूप से मजार पर चादरपोशी की जाती है. रविवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी रेसालदार बाबा की मजार पर ताजपोशी की थी. इस मौके पर उन्होंने मुसाफिर खाना के लिए 1.20 करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की थी.

1808 से हो रहा उर्स: 

बताया जाता है कि कुतुबउद्दीन शाह रेसालदार बाबा के मजार पर 1808 से उर्स का आयोजन किया जा रहा है. सदस्यों के अनुसार क़ुतुबउद्दीन शाह पुलिस विभाग में रेसालदार के पद पर नियुक्त थे.

यही कारण है कि उनके स्वर्गवास के बाद से अब तक पुलिस जवानों द्वारा चादरपोशी का सिलसिला जारी है. उर्स के अवसर पर दरगाह और उसके आसपास का दृश्य देखते बनता है.

बड़ी संख्या में दूर-दराज से लोग अपनी दुकानें लगाते हैं. इनमें खिलौने, खाने-पीने की चीजों के अलावा घरेलु आवश्यकता की दुकानें विशेष तौर पर लगाई जाती हैं इतना ही नहीं बच्चों के लिए तरह तरह के झूले और खेल-तमाशे का खास ख्याल रखा जाता है. साभार: न्यूज़ 18


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