जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई से नाराज भाजपा की रेवाड़ी यूनिट के सभी सदस्‍यों ने इस्‍तीफा दे दिया

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई से नाराज भाजपा की रेवाड़ी यूनिट के सभी सदस्‍यों ने इस्‍तीफा दे दिया है। उनका आरोप है कि आंदोलन के दौरान प्रशासन ने उनकी बातों पर ध्‍यान नहीं दिया। जिला प्रशासन और पुलिस अपनी ड्यूटी निभाने में असफल रही। हालांकि भाजपा ने इस्‍तीफे स्‍वीकार नहीं किए हैं। रेवाड़ी भाजपा यूनिट के 100 सदस्‍यों ने मंगलवार को शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा को इस्‍तीफे सौंपे थे। इस दौरान पीडब्‍ल्‍यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह और रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास भी वहां मौजूद थे। उन्‍होंने इस्‍तीफा देने वाले सदस्‍यों को समझाने का प्रयास किया।

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भाजपा सदस्‍यों ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की सरकार होने के बावजूद अधिकारियों ने उनकी नहीं सुनी। हालांकि रेवाड़ी में हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं हुई लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कुछ सड़कें जाम कर दी थी। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना था कि कुछ मुट्ठीभर प्रदर्शनकारियों ने लोगों को परेशान किया जबकि पुलिस देखती रही। रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया, ‘हमने उन्‍हें समझाने का प्रयास किया और उनके इस्‍तीफे स्‍वीकार नहीं किए। यह राज्‍य में फिर से शांति व्‍यवस्‍था स्‍थापित करने का समय है।’

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जाट आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों से निपटने को लेकर भाजपा में मतभेद सामने आ चुके हैं। कई नेताओं ने इस मामले में सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है। वहीं वरिष्‍ठ मंत्री अनिल विज और सीएम मनोहर लाल खट्टर के बीच मृतकों को मुआवजा देने को लेकर भी मतभेद हैं। (Jansatta)


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