रोहतक दंगा प्रभावित लोगों से मिलने और बात करने पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को रोहतक में लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। जनता को सांत्वना देने पहुंचे मुख्यमंत्री के खिलाफ लोगों ने मुर्दाबाद के नारे लगाए और उन्हें काले झंडे भी दिखाए। जाट आरक्षण को लेकर शुरू हुआ आंदोलन राज्य में बहुत हिंसक स्थिति में पहुंच गया था। रोहतक इस हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ।

 रोहतक में लोगों से बात करने पहुंचे मुख्यमंत्री खट्टर...

शनिवार से भड़की जाट आंदोलन की हिंसा से शहर के लोगों को भारी नुकसान हुआ था। भीड़ ने कई दुकानें, मकान, मॉल और वाहन जला दिए थे। शहर में कर्फ्यू लगे होने पर भी हिंसा लगातार जारी रही थी। लोगों की शिकायत थी कि हिंसा के दौरान उन्हें पुलिस व प्रशासन की ओर से सहयोग नहीं मिला। एक तरफ जहां जाट समुदाय के लोग अपनी मांगों को मनवाने और अपने खिलाफ पुलिस व सेना की कार्रवाई से गुस्से में हैं, तो वहीं गैर-जाट समुदाय के लोग इस पूरे आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और अराजक स्थिति को लेकर प्रशासन से नाराज हैं।

सीएम खट्टर ने लोगों को आश्वासन दिया कि प्रभावित हुए परिवारों के लिए रोजगार का इंतजाम किया जाएगा। दुकाने जलाने वाले दंगाइयों और अपना काम ठीक ढंग से न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हिंसा से प्रभावित गरीब परिवारों को नौकरी देने का भी उन्होंने वादा किया।

इन आश्वासनों और वादों के बावजूज लोगों की नाराजगी कम नहीं हुई और उनका विरोध जारी रहा। मजबूरन मुख्यमंत्री को अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा।

रोहतक में जाट आंदोलन की हिंसा भड़कने के बाद से लगे कर्फ्यू को मंगलवार सुबह ही हटाया गया है। सेना की मौजूदगी के बाद अब वहां हालात और कानून-व्यवस्था नियंत्रण में बताया जा रहा है। (navbharattimes)


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