पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सियाराम प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में एक पुलिस टीम बुलडोजर के साथ अवैध मंदिर को गिराने वागमली मुहल्ला गयी थी।

पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर सड़क का अतिक्रमण कर अवैध रूप से बनाए गए एक मंदिर को गिराए जाने का विरोध कर रही भीड़ ने मंगलवार रात पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के वाहन सहित दो ट्रैक्टर ट्राली को आग के हवाले कर दिया। यह घटना जिले के नगर थाना अंतर्गत वागमली मुहल्ले की है। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सियाराम प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में एक पुलिस टीम बुलडोजर के साथ अवैध मंदिर को गिराने वागमली गई थी।

उन्होंने बताया कि मंदिर गिराने का विरोध कर रही भीड़ ने पुलिस उपाधीक्षक की जीप पर पथराव शुरू कर दिया और बाद में उसमें आग लगा दी। कुमार ने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक उस समय अपने वाहन के बाहर खड़े थे। भीड़ के पथराव पर उनकी जिप्सी के चालक ने वाहन से उतरकर सुरक्षित स्थान पर शरण ली। उन्होंने बताया कि हिंसा पर उतारू भीड़ ने दो अन्य ट्रैक्टर ट्राली में भी आग लगा दी। भीड़ द्वारा किए गए पथराव में आठ पुलिसकर्मी और अग्निशमनकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला मुख्यालय हाजीपुर स्थित सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस मामले को लेकर नगर थाना निरीक्षक शंकर झा को निलंबित कर दिया गया है और उक्त इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दिया गया। वैशाली के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इस घटना से अवगत कराने पटना उच्च न्यायालय गए हैं। हाजीपुर मामले के पटना उच्च न्यायालय के समक्ष लाए जाने के समय गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने मुख्य कार्यकारी न्यायाधीश इकबाल अहमद और न्यायाधीश चक्रधारी सिंह की खंडपीठ के समक्ष उपस्थित होकर कहा कि सरकार की ओर से उक्त मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाले जाने के लिए प्रयास जारी है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख आगामी 29 फरवरी निर्धारित की है। साभार: जनसत्ता


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