गाजियाबाद में मीडिया से मुखातिब होते हुए गवर्नर ने कहा कि आजम खान को संसदीय कार्य मंत्री पद से हटाने के संबंध में उनकी बात मुख्यमंत्री से हुई है.

गवर्नर राम नाईक ने कहा, आजम खान को पद से हटाएं सीएम

राज्यपाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा द्वारा मुहैया कराई गई सीडी से भी कांट-छांट की गई है. उनके मुताबिक 60 टिप्पणियों में से 20 आपत्तिजनक बयानों को कट दिया गया है. विधानसभा की कार्यवाही से संसदीय कार्यमंत्री के बयान की 33 फीसदी बातें हटाना दर्शाता है कि उनकी भाषा विधानसभा की गरिमा, मर्यादा और परंपरा के अनुकूल नहीं है.

क्या है पूरा मामला?

8 मार्च को विधानसभा में आजम खान गवर्नर राम नाईक पर बरसे थे. आजम ने कहा था कि गवर्नर ने महापौर संबंधी बिल पिछले डेढ़ साल से रोक रखा है. बिल रोक कर वह महापौरों को भ्रष्टाचार के लिए उकसा रहे हैं. यदि उन्हें बिल में कोई संशय है तो मुझे या मेरे विभाग के अफसरों को बुलाकर पूछ लें.

आजम ने कहा था कि जब कुछ गलत नहीं है तो विधेयक को क्यों रोके रखा गया है? पूछा-सबकी जवाबदेही है तो फिर महापौरों की जवाबदेही नियत क्यों न हो? (Pradesh 18)


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