फरीदाबाद में गुर्जर समाज के लोगों ने समाज में बढ़ रही कुरूतियों को खत्म करने के लिए एक महापंचायत की. इसमें फरीदाबाद के 50 गावों के पंचों और सरपंचों ने हिस्सा लिया.

महापंचायत में समाज सुधार के लिए कुछ नियमों पर फैसले लिए, जिन्हें महापंचायत में मौजूद लोगों ने सर्व सम्मति से स्वीकार कर लिया और फैसला किया कि प्रस्तावित नियमों को राज्य स्तरीय और फिर राष्ट्रीय स्तरीय महापंचायत कर मनवाने की कोशिश की जाएगी.

गुर्जर महापंचायत का फैसला: शादियों में डीजे-शराब और मीट बैन

इतना ही नहीं महापंचायत के मुताबिक अगर नियमों को प्रस्तावित होने के बाद यदि कोई नहीं मनाता है तो उसके लिए भी दण्ड का प्रावधान रखा जाएगा.

फरीदाबाद के गुर्जर भवन का है जहां पर सैकड़ो की संख्या में गुर्जर समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों ने हिस्सा लिया. गुर्जर भवन में एक महापंचायत का आयोजन किया गया था जहां पर 50 गांवों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया इस महापंचायत में समाज सुधार के लिए कुछ अहम नियमों पर निर्णय लिया गया ताकि समाज में बढ़ रही रुपयों की फिजूल खर्ची और कुछ कुरूतियों को समाप्त किया जा सके जिनमे कुछ नियम इस प्रकार हैं:-

1: किसी भी समाजिक अवसर पर डीजे के बजाय कोई और बाजा बजाय जाये.

2: समाजिक रस्मों में शराब और मीट का प्रयोग न किया जाए.

3: शादी में विशेषकर दहेज़ की लिस्ट को पढ़कर न सुनाया जाये और गाड़ी का दिखावा न किया जाए.

4: किसी भी समारोह में असला या हथियार का प्रयोग न हो और न ही कोई आतिशबाजी चलवाई जाए.

5: गोद भराई,लगन सगाई,भात न्योतने,दस्यारी तथा मांडा झांकने जैसे अवसरों पर 21 से अधिक और शादी में 100 से अधिक आदमी या औरते न जाए.

6: अच्छा हो यदि शर्दियों में शादी दिन के समय में कराई जाये.

गुर्जर महापंचायत में इन समाज सुधार फैसलों पर निर्णय लिया गया और निर्णय लिया गया की अभी राज्य स्तरीय महापंचायत और राष्ट्रिय स्तरीय महापंचायत कर इन फैसलों पर निर्णय लिया जाएगा . (pradesh18)


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