अहमदाबाद। भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी के पिछले साल मस्जिदों पर दिए विवादित बयान को लेकर गुजरात हाईकोर्ट ने कच्च पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस से पूछा है कि स्वामी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की जा सकती है या नहीं। स्वामी ने मार्च 2015 में कहा था कि मस्जिद कोई धार्मिक इमारत नहीं है और इसे किसी भी वक्त गिराया जा सकता है।

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जस्टिस जेबी पारदीवाला ने गुजरात पुलिस से कहा है कि अगर स्वामी के खिलाफ शिकायत सही पाई जाती है तो उन पर एफआईआर दर्ज की जाए। गौरतलब है कि इस मामले में स्वामी के खिलाफ भुज के एक्टविस्ट आदम चाकी ने शिकायत दर्ज की थी। कोर्ट ने पुलिस को यह भी कहा है कि वह मामले में कार्यवाही आगे बढ़ाने से पहले न्यायाधिकार क्षेत्र का फैसला कर ले।

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उल्लेखनीय है कि स्वामी ने मार्च 2015 में अपने असम दौरे के दौरान साऊदी अरब में रोड बनाए जाने के लिए मस्जिदों के गिराए जाने का जिक्र करते हुए कहा था, \’मुझे पता चला है कि मस्जिद कोई धार्मिक इमारत नहीं, बल्कि एक आम इमारत है जिसे किसी भी वक्त गिराया जा सकता है।\’ चाकी स्वामी के इस बयान के लिए उन पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। इस बयान के कुछ ही दिनों बाद स्वामी ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि सभी मुस्लिम हिंदू हैं।

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