गुजरात सरकार ने अपना विवादित कानून गुजरात पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम-2017 को शनिवार को लागू कर दिया है. जिसके तहत अब राज्य में गौहत्या करने वालो को उम्रकैद की सज़ा होगी. याद रहे यह विधेयक इसी वर्ष मार्च में गुजरात विधानसभा में पारित हुआ था.

गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने इस बारें में कहा कि “हमने अपने सबसे पवित्र पशु गाय की सुरक्षा के लिए सबसे सख्त कानून बनाया है और सरकार गाय की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है. इस कानून के लागू होने के साथ ही राज्य में गोवध करने वालों को आजीवन कारावास का प्रावधान है तथा वध के लिए गाय ले जाने वाले वाहन को जब्त कर लिया जाएगा”.

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जडेजा ने बताया कि इससे पहले अब तक गोवध के लिए तीन से सात वर्ष की सजा और 50,000 रुपये तक के जुर्माने की सजा थी, लेकिन अब कम से कम 10 वर्ष की सजा और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा होगी, जबकि पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा.

जडेजा ने बताया कि नए कानून के तहत बछड़ा या बछिया की अवैध ढुलाई, गोमांस या गोमांस से बने उत्पाद, गोमांस का भंडारण या गोमांस के प्रदर्शन पर भी सात से 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है और एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा.

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इससे पहले इस तरह के अपराधों में जमानत मिल जाती थी, लेकिन नए कानून में पुलिस के लिए इसे प्रवर्तनीय बना दिया गया है और गैर-जमानती होगा.


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