dead body 2016919 232558 19 09 2016

मध्यप्रदेश के खरगौन में उड़ीसा के दाना मांझी की तरह ही एक और मामला सामने आया हैं. सेगांव गाँव में एक बच्चे की मौत के बाद उसे बुजुर्ग दादा को पोते का शव कंधे पर लेकर करीब डेढ़ किमी तक पैदल चलना पड़ा.

सोमवार को ग्राम छिपीपुरा का महेश पिता सुखलाल की करंट लगने से मौत हो गई थी. एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण महेश के दादा गुलसिंह को पुलिस ने शव का पोस्टमर्टम करा कर सौंप दिया. पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने के लिए परिजन ने अस्पताल में भटकते रहें  लेकिन किसी ने भी उनकी मदद नै की.

और पढ़े -   सबसे लंबा रोजा ग्रीनलैंड में 21.5 घंटे का, सबसे छोटा रोजा अर्जेंटीना में 11.32 घंटे का होगा

गुलसिंह ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने वाहन नहीं होने का हवाला देकर लौटा दिया. इसके बाद वे दोनों शव को उठाकर घर के लिए निकल पड़े.

करीब डेढ़ किमी पैदल चलने के बाद पुलिस ने जनसहयोग से एक निजी वाहन कर शव को घर भेजा. इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का कहना हैं कि उनके पास कोई शव वाहन उपलब्ध नहीं है.

और पढ़े -   हिंसा के बाद योगी सरकार आई हरकत में, आला आधिकारी सस्पेंड, धारा 144 के साथ इंटरनेट पर रोक

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE