पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले की राज्य के मुस्लमानों की ओर से शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने कड़े शब्दों में निन्दा की है।

शाही इमाम ने कहा, दो महीने पहले ही जताई थी आशंकाशाही इमाम ने केंद्र सरकार से मांग की है कि आतंकवाद फैलाने वाले देश पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए। आज यहां लुधियाना की इतिहासिक जामा मस्जिद में पत्रकारों से बातचीत में शाही इमाम ने कहा कि आतंकवाद की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। बेगुनाहों का खून बहाने वाले इंसान नहीं हैवान हैं।

शाही इमाम ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पाकिस्तान में भारत की एंबेसी को बंद किया जाए, वहां से राजदूत को वापस बुला कर राजनायिक संबंधों को खत्म किया जाए। पाकिस्तान पर दबाव बनाया जाए कि वे देश के दुश्मनों को भारत के हवाले करे।

शाही इमाम ने कहा कि पठानकोट आतंकवादी हमले में दुश्मन से लोहा लेते हुए वीरगति प्राप्त कर गए जवानों को पूरा देश सलाम करता है, लेकिन इसके साथ ही पूरे भारत के लोग चाहते है कि प्रधानमंत्री जी अब कूटनीति छोड़कर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दें।

शाही इमाम ने कहा हम दुश्मन को भी बताना चाहते है कि वह कान खोलकर सुन ले कि उसकी यह ओछी साजिश कामयाब न होगी। देश में रहने वाले सभी हिन्दू, मुस्लिम, सिख व इसाई अपने देश की सुरक्षा के लिए एकजुट है।

शाही इमाम ने कहा कि देश में आतंकवादियों को बढ़ावा वही भ्रष्ट और लालची लोग दे रहें है जो कि चांदी के चंद सिक्कों के लिए अपना ईमान दुश्मन के हाथों बेच देते हैं।

शाही इमाम के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम ने बताया कि उनकी ओर से दो महीने पहले ही लुधियाना पुलिस को शाही इमाम जी की सुरक्षा के संबंध में लिखे गए एक पत्र में यह आशंका जताई गई थी कि गुरदासपुर में कादियानी जमात के 25 दिसंबर को होने वाले सम्मेलन में हजारों पाकिस्तानी के शामिल होने की आशंका जताई थी, जिनमें आतंकी संगठनों के लिए रैकी करने वाले भी शामिल हो सकते हैं। साभार: अमर उजाला


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