roza iftar

मेंगलुरु –जिस तरह देशभर में साम्प्रदायिकता में इज़ाफा हुआ है उसे देखते हुए लगता है की आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है, क्यों की विपक्ष ने इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन धारण कर रखा है. जहाँ विपक्ष की स्थिति सत्ता पक्ष को घेरने की होती थी वही इस बार शायद पहली बार ऐसा हुआ है की खुद विपक्ष सरकार के समर्थन में नज़र आ रहा है.

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अभी पिछले दिनों कर्णाटक के उद्दुपी के कृष्ण मठ में रोज़ा इफ्तार की दावत दी गयी थी जिसमे काफी अधिक संख्या में मुस्लिमों में शिरकत की थी तथा हिन्दुओं ने रोज़ा इफ्तार करवाया था. अब इस हिन्दू-मुस्लिम एकता से वो लोग नाराज़ हो गये जो नही चाहते की दोनों धर्मों के लोग आपस में मिलजुलकर रहे. इफ्तार की दावत का आयोजन करने पर श्रीराम सेना ने राज्यभर में विरोध शुरू कर दिया है।

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इसी के तहत श्रीराम सेना की जिला इकाई और हिंदू जनजागृति समिति ने अब संडे को उडुपी के क्लॉक टावर पर प्रार्थनाएं करने और भजन गाने का कार्यक्रम बनाया है। यही नहीं, इन संगठनों की ओर से 24 जून को इफ्तार की दावत करने और इस दौरान नमाज पढ़े जाने पर कृष्ण मंदिर परिसर स्थित हॉल का गोमूत्र से ‘शुद्धीकरण’ करने की भी योजना है।

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मंदिर परिसर में मुसलमानों के लिए ‘सौहार्द्र कूट’ का आयोजन पर्याय पेजावर मठ के प्रमुख विश्वेष तीर्थ स्वामीजी की तरफ से किया गया था। यह बात श्रीराम सेना को रास नहीं आई। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में श्रीराम सेना की मेंगलुरु डिविजन के सचिव मोहन भट्ट ने कहा कि स्वामीजी से आपत्ति जताई गई थी।


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